किशोरी को थाने से होटल में ले जाकर दुष्कर्म करने के आरोप में एक माह से वांटेड चल रहे थाना ब्रह्मपुरी के दरोगा संजीव कुमार ने बुधवार को गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने आरोपी दरोगा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
पुलिस के अनुसार बीती 25 जनवरी को थाना टीपी नगर क्षेत्र से अपह्त किशोरी को दूसरे समुदाय के तीन युवक लेकर ब्रह्मपुरी थाने पहुंचे थे। आरोप है कि दरोगा ने किशोरी को थाना टीपी नगर या महिला थाने में नहीं भेजा, बल्कि रात भर शहर के एक होटल में रखकर उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। जिसका मुकदमा टीपीनगर थाने में लिखा गया। तभी से दरोगा संजीव कुमार डोगरा फरार चल रहा था। एसएसपी के निर्देश पर टीपी नगर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का वारंट लिया था। बुधवार सुबह करीब दस बजे दरोगा संजीव कुमार गुपचुप तरीके से कोर्ट में सरेंडर करने पहुंच गया।
पहचान छिपाने का यह फंडा
पुलिस ने दरोगा को कचहरी स्थित सदर हवालात में रखा। शाम चार बजे बंदियों को पेशी के बाद जेल ले जाने के लिए बंदी वाहन सदर हवालात के बाहर लगवा दिया। इसकी जानकारी पर कोर्ट पहुंची महिला थाना पुलिस ने दरोगा को रिमांड पर लेने की अर्जी लगा दी। दरोगा ने जेल जाने के दौरान खुद की पहचान छिपाने के लिए पहले अपने मुंह पर कपड़ा बांधा और फिर सदर हवालात में कई बंदियों के मुंह पर कपड़ा बंधवा दिया। उसके बाद एक के बाद एक बंदी मुंह पर कपड़ा बांधकर हवालात से बंदी वाहन में बैठने लगे।