मेरठ। ऋषभ एकेडमी की प्रबंध समिति के विवाद में सचिव रंजीत जैन व उनका बेटा अभिनव खुलकर सामने आ गए हैं। अभिनव ने विरोधियों के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्कूल संचालन में बेवजह बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इससे तीन हजार छात्रों का भविष्य संकट में है।
स्कूल में बुधवार को हंगामे के बाद अभिनव जैन भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि स्कूल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। स्कूल को दिगंबर जैन समिति द्वारा संचालित बताया जाता है, जबकि ऋषभ एकेडमी पार्श्वनाथ जैन समिति द्वारा संचालित है। दिगंबर जैन समिति का अधिकार पहले ही खत्म हो चुका है। इसका पूरा ब्योरा रजिस्ट्रार कार्यालय में दर्ज है। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष आए दिन स्कूल में आकर स्टाफ को धमकाता है, उससे जबरने गलत हस्ताक्षर कराता है। अकाउंटेंट को धमकाकर रुपये ले जाते हैं। वहीं, पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
बोर्ड की फीस जमा कराना है झूठ
600 छात्रों की सीबीएसई की परीक्षा फीस जमा कराने का दावा गलत है। उनका कहना है 18 लाख रुपये छात्रों का स्कूल में पहले ही जमा था, लेकिन दूसरा पक्ष उस पैसे को गोलमाल कर गया। इसकी सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पार्षद व अन्य लोगों के दबाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। स्कूल के सीसीटीवी से फुटेज गायब हैं। दो महीने से स्कूल में डीवीआर नहीं लगे हैं।
शिक्षिकाओं के शोषण का आरोप
दूसरी ओर अजय जैन ने वार्ता में कहा कि अभिनव शिक्षिकाओं के शोषण के मामले में वांछित है। उस पर शिक्षिकाओं को धमकाने का भी आरोप है। कुछ शिक्षिकाओें ने हस्ताक्षर कर पत्र जारी किया है।