रामपुर तिराहा कांड से जुड़े फर्जी हथियार बरामदगी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम एवं विशेष सीबीआई न्यायालय ने तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रज किशोर सहित तीन पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया है। अब अदालत दोपहर बाद सजा के प्रश्न पर सुनवाई करेगी।
आंदोलनकारियों से हथियार बरामद दिखाने का था मामला
एक अक्तूबर 1994 को तत्कालीन झिंझाना थाना प्रभारी ब्रज किशोर ने सिपाही अनिल कुमार, उमेश कुमार और कमल किशोर के साथ रामपुर तिराहा पर बसों की जांच की थी। इस दौरान आंदोलनकारियों से तमंचे और खुखरी बरामद होने का दावा करते हुए छपार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस द्वारा बरामद दिखाए गए तमंचों को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया।