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यौन शोषण मामला: 10 से 50 लाख रुपये देकर बयान बदलवाना चाहता था अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता

Tue, 20 Jun 2023 07:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

मेरठ के हाईप्रोफाइल मामले में पोक्सो में नामजद अधिवक्ता रमेश चंद्र गुप्ता द्वारा नाबालिग किशोरी के यौन शोषण मामले में मेरठ पुलिस ने कई बड़े खुलासे किए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पॉक्सो में नामजद अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता की अय्याशियाें के बारे में नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। वो ऐसे मामले उजागर होने के बाद पैसे देकर मामले को रफा-दफा कर देता था। किशोरी के बरामद होने के बाद रमेश चंद गुप्ता ने बयान उसके खिलाफ नहीं देने के मामले में भी 10 लाख रुपये का ऑफर दिया था। ये सौदेबाजी 50 लाख रुपये तक पहुंच गए।
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ऑफर किशोरी के मौसेरे भाई ने स्वीकार भी कर लिया था। पूरी प्लानिंग हो गई थी कि पैसे लेकर वो गाड़ी में बैठा रहेगा और बयान देने के बाद वह निकल जाएंगे। लेकिन पुलिस ने सारा खेल बिगाड़ दिया। परिजनों से मिलाए बिना ही किशोरी को न्यायालय में 164 के बयानों के लिए पेश कर दिया।

किशोरी से यौन शोषण मामले से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें अधिवक्ता रमेश चंद की आवाज है। वह किशोरी के मौसेरे भाई से बात कर रहा है। मौसेरा भाई कह रहा है कि हम गाड़ी में बैठे रहेंगे और पैसे लेकर चले जाएंगे। रमेश चंद गुप्ता बोलता है कि ऐसे कैसे पैसे ले जाओ, पहले बयान तो कराओ।
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मौसेरा भाई कहता है कि बयान कल कोर्ट में हो जाएगा। रमेश चंद कहता है कि जैसे ही बयान करा दोगे मैं पैसे दे दूंगा। इस ऑडियो से साफ को रहा है कि 10 लाख रुपये देकर बयान बदलवाने की सौदेबाजी हो रही थी। पुलिस ने किशोरी के 164 के बयान होने तक किसी रिश्तेदार को उससे अकेले में नहीं मिलने दिया, जिसके चलते सारा खेल बिगड़ गिया। किशोरी ने 164 के बयान में अधिवक्ता पर यौन शोषण करने का आरोप लगा दिया। जिसके बाद दौराला थाने में दर्ज अपहरण के मुकदमे में पुलिस ने पॉक्सो की धारा बढ़ाकर अधिवक्ता को नामजद कर लिया।

फोरेंसिक लैब जाएंगे लैपटॉप और सीपीयू
सीओ दौराला अभिषेक पटेल ने बताया कि लैपटॉप और सीपीयू की जांच के लिए उन्हें साइबर सेल की टीम को दिया गया था। साइबर सेल की टीम ने बताया कि लैपटॉप और सीपीयू को गाजियाबाद निवाड़ी की फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा, वहां से ही पूरा डाटा रिकवर होगा। लैपटॉप और सीपीयू में कई वीडियो होने की संभावना है।

लगातार दी जा रही दबिश, हो सकता है इनाम
अधिवक्ता रमेश चंद गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उसके मोबाइल की आखिरी लोकेशन पहले हरिद्वार में मिली थी, इसके बाद से फोन ऑन नहीं हुआ है। ऐसे में अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर अब पुलिस इनाम भी घोषित कर सकती है। वहीं, भाजपा नेताओं पर लगाए गए आरोपों की सत्यता के लिए सूबुत जुटाए जा रहे हैं।
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