2019 में कौन जीतेगा, कौन पीएम बनेगा यह तय नहीं, लेकिन संग्राम भीषण होगा
उन्होंने कहा कि देश में इस समय फिर से राजनीतिक संघर्ष का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लोगों को हिमालय सरीखी अपेक्षाएं हो गई थीं। उन्होंने इन्हें पूरा करने का प्रयास भी किया। विश्व भर में घूमकर इंडिया में निवेश मांगा। वायदा भी हुआ पर इस वायदे पर सही तरह से क्रियान्वयन उनकेलोगों ने नहीं किया।
कांग्रेस और बीजेपी लोगों से हमदर्दी लेने की जंग में रहे और औद्योगिक निवेश नेपथ्य में चला गया। कहा कि मोदी जोश खरोश से पाक भी गए। कश्मीर पर पहल की। टीडीपी से बेमेल गठबंधन भी किया। उन्होंने शराफत दिखाई पर यह रंग नहीं ला पाई, क्योंकि पाकिस्तानी हुक्मरान शातिर हैं और वह इस तरह की बात नहीं समझते।
भगवान राम का मंदिर अब नहीं बन सकता तो कभी नहीं बनेगा, कानून बनाना ही रास्ता
राम मंदिर के सवाल पर बाबा ने कहा कि राम मंदिर अब नहीं बनेगा तो कभी नहीं बनेगा। उनसे पूछा गया कि आखिर इसका रास्ता क्या है। इसपर उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार को संसद से कानून बनाकर राम मंदिर बना देना चाहिए। यह भाजपा का वायदा था और इसे पूरा न करने पर लोगों का भरोसा भाजपा से डिगेगा। हम सड़कों, इमारतों के लिए जमीन का अधिग्रहण कर सकते हैं तो राम मंदिर के लिए भी इस जमीन को अधिग्रहीत कर निर्माण कर दिया जाए।
राम तो हिंदू और मुसलमान दोनों के ही पूर्वज हैं। कालेधन पर बोले कि वह सफेद हुआ पर फिर से काला हो गया। एससीएसटी एक्ट में संशोधन को उन्हाेंने सामाजिक प्रश्न बताया। कहा कि यह तो सही है कि अनुसूचित जाति केलोगों पर अत्याचार हुआ पर यह भी सही है कि एक्ट का भी कई बार दुरुपयोग हो जाता है।
रामदेव एक योगी, कर्मयोगी, बाकी सब बॉयप्रोडक्ट
बाबा रामदेव स्वयं को एक योगी और कर्मयोगी के रूप में परिभाषित करते हैं। वो कहते हैं कि बाकी सब ये बॉयप्रोडक्ट हैं। जीवन में दुख-सुख किस बात का। दुख अतीत की स्मृतियां, वर्तमान की आसक्तियां और भविष्य की अपेक्षाएं या भय हैं। ये आदमी को दुखी करता है। हम इन तीनों से मुक्त रहते हैं। बस जो भगवान ने सामर्थ्य दिया है, उसका सही दिशा में उपयोग करते हैं, जो खुद से बन पाए वो करते हैं। इसलिए मनमस्त फकीरीधारी एक ही धुन जय भारत। किस बात की परवाह है। जीवन अनादि और अनंत है।