घर से एक साथ 12 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
कमलानगर निवासी बिल्डर और संयुक्त व्यापार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल ठाकुर ने बताया कि राम मंदिर आंदोलन में वह एक माह मुजफ्फरनगर जेल में रहे। उन्होंने बताया कि कारसेवा के लिए नवंबर 1992 में उनके कमला नगर आवास पर बैठक चल रही थी। बैठक की अध्यक्षता क्षेत्रीय संघ चालक दर्शन लाल अरोड़ा कर रहे थे। इस बीच पुलिस ने छापामारी कर 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें राजेश सिंधल, प्रदीप गुप्ता पिंकी और विशाल त्यागी भी शामिल रहे।
महिलाओं ने भी दी गिरफ्तारी
सुपरटेक पॉमग्रीन निवासी सतीश टीला ने बताया शिव शक्ति नगर से देवेंद्र गोयल और उनकी माताश्री उर्मिला देवी के नेतृत्व में कारसेवकों का अयोध्या के लिए जत्था रवाना हुआ। मेढ़ राजपूत धर्मशाला में बैठक हुई। पुलिस ने उर्मिला देवी समेत दर्जनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। जानसठ इंटर कॉलेज में बनाई गई अस्थाई जेल में ये सभी रहे। जेल में उनके साथ हृदय प्रकाश, मनोज गोयल, मनोज खद्दर, दिनेश गुप्ता, विजय मित्तल, रामनरेश भी थे।
सुपरटेक स्थित मंदिर के पंडित जी ने भी कारसेवा
बिजली बंबा बाईपास सुपरटेक पॉमग्रीन स्थित महादेव मंदिर के पुजारी पंडित श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि 14 साल की आयु में उन्होंने भी कारसेवा की। वह तब मथुरा में रहते थे। विधायक किशोरी श्याम शर्मा उनके रिश्तेदार थे। उनके जत्थे के साथ वह अयोध्या पहुंच गए। विवादित ढांचे के टूटने के बाद ईंट उठाकर खाई में फेंकने में मदद की।