- भैसाली मैदान की रामलीला में भरत चरित्र का सुंदर मंचन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छावनी भैसाली मैदान अयोध्यापुरी में रामलीला का मंचन किया गया। नंदकिशोर शर्मा और हरिश चंद्र जोशी ने मंत्रोच्चारण किया। राम भक्त ले चला रे राम की खड़ाऊं...जैसे गीतों के बीच कलाकारों ने भरत चरित्र का मंचन किया तो श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
इस अवसर पर भरत चरित करि नेमु तुलसी जो सादर सुनहिं, सीय राम पद पेमु अवसि होई भव रस बिरति...चौपाई का गायन किया गया। इसमें तुलसीदास कहते हैं कि जो कोई भरत जी के चरित्र को नियम से सुनेंगे। उनको अवश्य ही श्रीराम और सीता के चरणों से प्रेम होगा और सांसारिक विषय रस से वैराग्य होगा।
वहीं, रुद्राक्ष कला मंच ने सीता की विदाई के भावुक पलों को लाइट एंड साउंड के मध्यम से दिखाया। प्रीतम गोठवाल के निर्देशन में बहुत ही भव्यता के साथ सीता विदाई, राज तिलक की तैयारी, कैकेई मंथरा संवाद, राजा दशरथ कैकेई संवाद, श्रवण कुमार लीला, श्रीराम वनवास, श्रीराम केवट मिलन का मंचन हुआ। इससे पूर्व लीला का उद्घाटन पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, पूजनकर्ता विधायक अमित अग्रवाल, संदीप गोयल और दीप प्रज्ज्वलन वरुण गोयल, डॉ. राजेश सिंह, लोकेश सिंघल ने किया।
इस अवसर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तौगी, अनिल जैन, गणेश अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, देवेंद्र गोयल, विजय गोयल, पवन गर्ग, अंकित गुप्ता, नितिन बालाजी, गौरव सिंघल रहे।
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वनवास को निकले राम, सीता और लक्ष्मण तो छलके आंसू
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर रामलीला कमेटी की ओर से बुढ़ाना गेट स्थित जिमखाना मैदान में रामलीला का मंचन हुआ। इसमें श्रीराम, सीता, लक्ष्मण के साथ वनवास यात्रा पर निकले तो शहर के लोगों के भी आंसू छलक उठे। यात्रा सनातन धर्म मंदिर बुढ़ाना गेट से प्रारंभ होकर कोतवाली, गुदड़ी बाजार , सराफा, सुभाष बाजार के चौराहे से भटवाड़ा होते हुए सरस्वती मंदिर और सूरजकुंड तक पहुंची। शहर के बाजारों में यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया।
रामलीला के दौरान रामु सिय लखन संग सिघाए, सुमिरि नगरबासी सब रोए...चौपाई के गायन के साथ मंचन किया गया। इसका अर्थ है- श्रीराम सीता और लक्ष्मण के वन की ओर जाते ही नगरवासियों के आंसू बहने लगे।
जिमखाना मैदान में केवट और श्रीराम का संवाद दिखाया गया। श्रीराम ने केवट से कहा कि हमें गंगा पार करा दो। तब केवट ने पहले चरण पखारुंगा तब नांव में बैठाउंगा। सुना है आपकी चरण पड़ते ही हर वस्तु वैकुंठ पहुंच जाती है। यह नाव ही मेरे परिवार के पालन पोषण का सहारा है। इसके साथ ही चित्रकूट प्रसंग का भी मंचन हुआ। इस दौरान राकेश गर्ग, मनोज गुप्ता, मनोज अग्रवाल, आलोक गुप्ता, योगेंद्र अग्रवाल, राकेश शर्मा, रोहताश कुमार प्रजापति, अंबुज गुप्ता, राजन सिंघल, विपुल सिंघल, मनीष गुप्ता रहे।