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भाजपा के ताबूत की कील साबित होगा किसानों पर किया गया लाठीचार्ज : अजित सिंह  

Wed, 03 Oct 2018 11:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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चौधरी अजित सिंह - फोटो : अमर उजाला
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करीब एक दर्जन मांगों को लेकर हरिद्वार से दिल्ली जा रही भाकियू की किसान क्रांति पदयात्रा को यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर रोकने पर हुई हिसंक झड़प में किसानों और जवानों के आपस में टकराने से हर कोई आहत है। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि नौ दिन से शांतिपूर्वक पदयात्रा कर रहे किसानों का दिल्ली में प्रवेश रोकने के लिए किया गया लाठीचार्ज भाजपा के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा।   
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उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि किसान क्रांति पदयात्रा मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद जिले से शांतिपूर्वक चलते हुए यूपी-दिल्ली बार्डर पर पहुंची थी तो इसे दिल्ली जाने से क्यों रोका गया? अजित सिंह ने कहा, दिल्ली किसी के बाप की नहीं है, ये तो सबकी है। लोकतंत्र में सबको अपने हक और हुकूक के लिए लड़ने और आंदोलन करने का अधिकार है। यह तानाशाह सरकार किसानों का दमन करने में लगी है। क्या देश के बेहाल किसान दिल्ली में आकर अपना दुख दर्द नहीं बता सकते? इससे पहले भी दिल्ली में किसान आंदोलन हुए हैं।
 
उन्होंने कहा कि  15-15 दिन तक किसान इंडिया गेट पर बैठे रहे लेकिन किसी सरकार ने रोक नहीं लगाई। देश में गेहूं का अच्छा उत्पादन हुआ तो सरकार ने आयात शुल्क 30 फीसदी से घटाकर शून्य फीसदी कर बाहर से गेहूं मंगा लिया। चीनी का बंपर उत्पादन होने के बाद भी बाहर से चीनी मंगा ली। किसानों ने दाल पैदा की तो इसे भी बाहर से मंगाकर किसानों की कमर तोड़ दी। 

डिहाइड्रेशन से अचेत हुए अजित 
किसानों पर लाठीचार्ज की सूचना मिलने के बाद किसानों के बीच पहुंचे चौधरी अजित सिंह को देखते ही किसानों में उत्साह की लहर दौड़ गई। किसानों ने भागकर चौधरी अजित सिंह को घेरे में लेकर कंधों पर उठा लिया। काफी दूर तक किसान उन्हें इसी तरह ले गए। गर्मी और किसानों की भारी संख्या के चलते चौधरी अजित सिंह डिहाइड्रेेशन के चलते अचेत हो गए। सिंह के अचेत होते ही किसानों में हड़कंप मच गया। किसान उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां से उन्हें प्राथमिक उपचार देकर डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद चौधरी अजित सिंह वापस घर चले गए। 
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