फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: इस रक्षाबंधन पर लाखों भाइयों की कलाई पर सजेंगी वहीदन के घर में बनी राखियां

Fri, 31 Jul 2020 12:50 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत बामनौली गांव की वहीदन ने तीन साल पहले बनाया था इस्लाम ग्रुप
बामनौली गांव से दिल्ली सप्लाई कर दी जाती हैं राखियां
 दिल्ली से राखियों की की देशभर में की जा रही सप्लाई
विज्ञापन
1 of 5
Rakshabandhan 2020, rakhi - फोटो : अमर उजाला
तीज-त्योहार सभी धर्म के लोगों को आपस में जोड़कर भाईचारे का संदेश देते हैं। रक्षा बंधन पर उत्तर प्रदेश के बागपत में बामनौली गांव से हिंदू और मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल पेश की गई। मुस्लिम महिला वहीदन ने इस्लाम नाम से स्वयं सहायता समूह बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाए हैं। रक्षा बंधन पर वहीदन के घर कई लाख राखी तैयार हो चुकी हैं। दिल्ली से देश के विभिन्न हिस्सों में यह राखी भाइयों की कलाई पर सजेंगी।
विज्ञापन

2 of 5
Rakshabandhan 2020, rakhi - फोटो : अमर उजाला
बामनौली गांव की वहीदन ने एनआरएलएम के माध्यम से एक जनवरी 2017 को स्वयं सहायता समूह बनाया था। वह बताती हैं कि आत्मनिर्भरता के लिए ग्रुप बनाया गया। काम शुरू हुआ, धीरे-धीरे उन्हें लाभ भी हुआ। मुश्किल जरूर हुई क्योंकि लॉकडाउन में तैयार किया माल सप्लाई नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
विज्ञापन

3 of 5
Rakshabandhan 2020, rakhi - फोटो : अमर उजाला
रक्षा बंधन के लिए उनके ग्रुप ने राखी और धागे बनाए हैं। अलग-अलग डिजाइन की राखी बनाई गई हैं। उनके माल की सप्लाई दिल्ली में होती है। इस बार खूब मांग रही। कई लाख राखी वह अब तक दिल्ली भेज चुकी हैं। आमतौर पर उनके ग्रुप की ओर से प्रति सप्ताह करीब ढाई से तीन हजार राखी भेजी जाती हैं। रोजाना काम चल रहा है।

4 of 5
Rakshabandhan 2020, rakhi - फोटो : अमर उजाला
सिंघावली में भी राखी बना रहीं हैं मुस्लिम महिलाएं 
सिंघावली अहीर गांव में बाबा मोहन राम स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महेंद्री कहती हैं कि उनके ग्रुप में भी कई मुस्लिम महिलाएं आत्मीयता के साथ राखी बना रही हैं। राखी का त्योहार सबको एकसूत्र में बांधने का त्योहार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Rakshabandhan 2020, rakhi - फोटो : अमर उजाला
एनआरएलएम के उपायुक्त ब्रजभूषण का कहना है कि वहीदन के ग्रुप ने कई लाख राखियां बनाई हैं। यह बेहद अच्छी पहल है। जिले की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों की मदद से सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भरता के अवसर मिले हैं।

 नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें