इन संपत्तियों को किया था कोलेटरल
बैंक ने मोहकमपुर स्थित फैक्टरी, बिल्डिंग, सूर्या पैलेस का प्लाट नंबर डी-121, डी -122, डी-135, तीन आवासीय डुपलेक्स डी-129, डी-131 और डी-132 और खड़ौली स्थित प्लाट, प्रेमपुरी रेलवे रोड स्थित मकान को लोन देते वक्त कोलेटरल के रूप में लिया था।
बैंक ने इस मामले में की तीनतरफा कार्यवाही
वर्ष 2018 में जब किस्त नहीं चुकाई तब बैंक ने तीनतरफा कार्यवाही अपनाई। एक तरफ डीआरटी में शिकायत की तो दूसरी तरफ सर्फेसी के अंतर्गत कार्यवाही की गई। वर्ष 2020 में बैंक ने सीबीआई में भी मामले की शिकायत कर दी। अब सभी मामलों में जांच प्रक्रिया प्रगति पर है। बैंक की ओर से दिए गए लोन के विषय में भी सीबीआई जांच कर रही है।
परिवार की चल अचल संपत्ति 35 करोड़ से अधिक
पूरे मामले में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें वर्धमान रोलर फ्लोर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड, डायरेक्टर मनोज कुमार कुमार गुप्ता, डायरेक्टर अशोक कुमार जैन, डायरेक्ट अनिल कुमार जैन, डायरेक्टर राजेश कुमार जैन, गारंटर पूनम जैन, गारंटर साधना जैन, गारंटर संगीता जैन, गारंटर अंशुल जैन, गारंटर अंकित जैन, मेसर्स राजस्नेह ऑटो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हैं। बैंक के अनुसार कंपनी के डायरेक्टर और गारंटरों की चल-अचल संपत्ति 35 करोड़ से अधिक दिखाई गई है।
बोली लगाने वाले कुछ लोगों का पैसा बैंक ने वापस किया
बैंक ने कई प्लाट और मकानों पर कब्जा करने का दावा किया है, लेकिन इसके बाद भी संपत्ति मालिकों के कब्जे में बताई जा रही है। ऐसे में नीलामी लगाने वाले दर्जनों लोगों का पैसा फंस गया है। बैंक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक ने तीन से चार लोगों का पैसा वापस भी कर दिया है। अभी तक बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो बैंक से पैसा वापस लेने को तैयार नहीं हैं।