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रजबहे की दो दिन में 450 मीटर खोदाई

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मेरठ। सिंचाई विभाग पहले चरण में अम्हैड़ा रजबहे की खोदाई रक्षापुरम तक करेगा। अम्हैड़ा में मंदिर के निकट बने पक्के तालाब में रजबहे का पानी छोड़ा जाएगा। दो दिन से अम्हैडा रजबहा की 450 मीटर खोदाई हो चुकी है, जिससे किसानों के चेहरे खिले हैं।
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रविवार से शुरू हुई रजबहे की खोदाई का कार्य सोमवार को भी जारी रहा। हालांकि पहले दिन के बराबर अभियान नहीं चला। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पहले चरण में सिखैड़ा-रजबहा टी प्वाइंट से अम्हैड़ा पक्के तालाब तक खोदाई के बाद ही मशीन रुकेगी। इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा। सोमवार को सिंचाई विभाग के कर्मचारी जेसीबी लेकर रजबहे पर पहुंचे। उन्होंने शाम तक जेसीबी से अम्हैड़ा में अभियान चलाया। कई स्थानों पर किसानों ने रजबहे की एक पटरी को पूरी तरह खत्म करके फसल उगायी हुई है। जिस पर रजबहे की मिट्टी डाल दी गयी है। लगभग 700 मीटर लंबा रजबहा ऐसा है जिससे किसान अपने खेतों की सिंचाई कर सकेंगे।
इस अभियान के दौरान इकट्ठा हुए अम्हैड़ा के किसानों ने अमर उजाला को बधाई दी। उनका कहना है कि रजबहा बंद होने के कारण खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे थे। ट्यूबवेल लगाने में अक्षम किसान संपन्न किसानों से ट्यूबवेल का पानी खरीदकर जैसे-तैसे फसलों की सिंचाई करते थे, जिस पर अधिक खर्च आता था। जिसके कारण मजबूरी में कुछ किसानों को जमीन बेचनी पड़ी थी। अब रजबहे का पानी मिलेगा तो खेतों में फसलें उगेंगी। साथ ही खर्च भी कम आएगा। मोदी सरकार की योजना किसानों की आय दोगुनी करने को भी बल मिलेगा।
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सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आशुतोष सारस्वत का कहना है कि कार्ययोजना के तहत ही अम्हैड़ा रजबहे की खोदाई शुरू करायी है। पहले चरण में रजबहे का पानी अम्हैड़ा पक्के तालाब में डाला जाएगा। इसके बाद अन्य स्थानों पर अभियान चलेगा। एमडीए और नगर निगम को पूर्व मेें ही नोटिस जारी हो चुके हैं। अगर वह आगे आकर रजबहे की भूमि पर काम नहीं करते हैं तो एफआईआर भी दर्ज करायी जाएंगी।
किसान बोले- धन्यवाद अमर उजाला
-रजबहा बंद होने से किसान बर्बाद हो गए थे। अब रजबहे की खोदाई होने से खेती की उम्मीद जगी है। इसके लिए अमर उजाला धन्यवाद का पात्र है। -नरेंद्र सैनी
- जिस प्रकार सरकारी अधिकारी जनता की समस्याओं को नजर अंदाज करते हैं। उससे लगता नहीं था कि कोई सुनवाई होगी। लेकिन अमर उजाला के प्रयास से रजबहे की खोदाई शुरू होना चमत्कार से कम नहीं है। चंद्रवीर शर्मा
- सरकार जनता को नहर का मुफ्त पानी दे रही है। हमारा रजबहा बंद था तो सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। अब पानी मिलेगा और खेती भी अच्छी होगी। -अमित सैनी
- रजबहा हमारे गांव की पहचान है। खोदाई शुरू हुई है तो उम्मीद जगी है कि अब खेती करने में मजा आएगा। क्योंकि फसलों की समय पर सिंचाई हो पाएगी। -प्रदीप कुमार
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