कपसाढ़ और चकबंदी गांव के जंगल में रजबहे की पटरी टूटी
सरधना। कपसाढ़-चकबंदी के जंगल में बृहस्पतिवार रात रजबहे की पटरी टूटने से फसलें जलमग्न हो गई। शुक्रवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो उन्हें पटरी टूटने की जानकारी मिली। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना के घंटों बाद भी सिंचाई विभाग द्वारा रजबहे में पानी बंद नहीं कराया गया, जिसके चलते सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई।
सरधना क्षेत्र में सलावा-बडकली रजबहे की पटरी गांव कपसाढ़ और चकबंदी के जंगल में बृहस्पतिवार रात टूट गई। किसान शुक्रवार सुबह खेत पर पहुंचे तो टूटी पटरी का पता चला। कपसाढ़ स्थित इंटर कॉलेज के प्रबंधक शिवकुमार का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के घंटों बाद तक भी पानी बंद नहीं कराया गया। जिसके बाद शिकायत एसडीएम अमित कुमार भारतीय व विधायक संगीत सोम से की गई। उन्हें बताया कि दो माह में करीब दो से तीन बार रजबहे की पटरी टूट चुकी है। किसानों के खेतों में खड़ी फसल सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते बर्बाद हो रही है।
पटरी टूटने से शुक्रवार को भी सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हुई। रामभूल, तेजपाल, सोनू, श्रीपाल, राजपाल, शिवकुमार, संत सिंह, संतपाल आदि किसानों ने बताया कि उनके खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों व आलू व गन्ने की फसल जलभराव से प्रभावित हुई। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पटरी की मरम्मत सही तरह से कराने व बर्बाद फसल के मुआवजे की भी मांग की है।
पटरी कराई जा रही है ठीक
एसडीएम सधरना अमित कुमार भारतीय का कहना है कि रजबहे की पटरी टूटने की सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर पानी बंद करा दिया है। टूटी पटरी को ठीक कराया जा रहा है।