मोदीपुरम। बंगाल की खाड़ी में बन रहे तीन सशक्त पश्चिमी विक्षोभ के चलते वेस्ट यूपी में फिर से मौसम बदल गया है। रविवार रात में बारिश हुई। सोमवार को भी सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर बाद तेज बरसात हुई। इससे अधिकतम तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट आ गई। बरसात के कारण धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को भी बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग की ओर से पश्चिम उत्तर प्रदेश में 24 से 48 घंटे तक तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार दोपहर काले बादल छाए रहे और दिन में ही अंधेरा छा गया। बाद में तेज हवा के साथ बारिश हुई। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 29.1 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड़ किया गया। वहीं, बारिश 5.8 मिमी दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री था।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर यूपी शाही कहना है कि मंगलवार को भी तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। वेस्ट यूपी के कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। वहीं, इस बारिश के बाद मेरठ समेत आसपास के जिलों के एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई। मेरठ का एक्यूआई 133 रहा। शहर के गंगागर में 140, जयभीमनगर 144,पल्लवपुरम 114, बेगमपुल 125, दिल्ली रोड पर 134 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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धान सहित अन्य फसलों पर पड़ा असर
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के वैज्ञानिक डॉ आरएस सेंगर का कहना है कि इस समय किसान धान की फसल काटने की तैयारी कर रहे हैं। धान की फसल पकी हुई खेत में तैयार है। ऐसे में अचानक वर्षा से नुकसान हुआ है। सरसों की भी बुवाई भी बरसात के कारण देरी से हो सकेगी। आलू की फसल की बुवाई का समय आ गया है, लेकिन खेतों में पानी भर जाने के कारण उनको सूखने में और देरी होगी। इससे फसल उत्पादन भी प्रभावित होगा। सब्जियों में खीरा, लौकी, तोरई, टमाटर, मिर्च, लोबिया के खेतों में नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सुनील कैथवास....सुबह से आसमान में छाये रहे बादल, दोपहर में हुई बारिश। कमिश्नरी चौराहे से गुजरते