सहारनपुर। बारिश से एक ओर जहां मौसम में ठंडक बढ़ गई। दीपावली के कारण सड़कों पर लगी मिष्ठान, सजावट की सामग्री और अन्य सामान की अस्थायी दुकानों के स्वामियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि दोपहर बाद बारिश रुकने से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली।
जनपद में बृहस्पतिवार की रात तक मौसम पूरी तरह साफ था। शुक्रवार की सुबह बादलों से घिरी रही। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई, जो 12:30 बजे तक बारिश में बदल गई। तीन बजे तक लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसकी वजह से मौसम में हल्की सी ठंडक बढ़ गई। मौसम विभाग का कहना है कि बूंदाबांदी का मौसम पर असर 24 घंटे बाद महसूस किया जाएगा। क्योंकि ठंडक में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि होगी।
उधर, बारिश की वजह से जन जीवन प्रभावित हुआ। दीपावली पर बाजारों में सड़कों पर लगी अनेक आइटम की दुकानें बारिश के दौरान बंद रही। सामान बचाने के लिए लोगों को पन्नी से सामान ढकना पड़ा, लेकिन अपराह्न तीन बजे के बाद बारिश बंद हो गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बादलों के छाए रहने का अनुमान जताया है।
वायु प्रदूषण का हुआ खत्म
बीते करीब 15 दिन से पूरा उत्तर भारत वायु प्रदूषण की मार झेल रहा है। दिल्ली और एनसीआर में एक्यूआई 300 के पार चल रहा है। ऐसे में बारिश और हवा चलने को अच्छा संकेत माना जा रहा है। शुक्रवार को बारिश के कारण जनपद का एक्यूआई 195 से गिरकर 110 पर आ गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता महेंद्र सिंह का कहना है कि बरसात होने या हवा चलने से वायु प्रदूषण में कमी आना स्वभाविक है।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
इन दिनों धान की फसल कट रही है। जिन किसानों के धान की फसल कटकर खेतों में पड़ी है उनके लिए बूंदाबांदी अच्छी नहीं है। क्योंकि धान भीगने के बाद चावल में चूड़ी आने का खतरा रहता है। उधर, सब्जियों की फसलों और अन्य कृषि के लिए बूंदाबांदी अच्छी है।