मौसम का मिजाज दिनभर बदलता रहा। सुबह से लेकर दोपहर तक गर्मी रही, फिर अचानक मौसम ने करवट ली और काले बादलों के बीच बारिश आ गई। बरसात कहीं ज्यादा तो कहीं कम रही। शहर के कुछ हिस्सों में बारिश तेज तो देहात में कुछ धीमी रही। हालांकि रात में भी क्षेत्र में बारिश हुई ।
मौसम में अब भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। मानसून के लौटने से पहले कभी बारिश तो कभी उमस भरी गर्मी का असर रहेगा। बुधवार को भी मौसम सुबह से लेकर शाम तक ऐसे ही रहा। शाम करीब चार बजे आसमान पर काले बादल आए और झमाझम बारिश हो गई। बारिश तेज होने के कारण चालकों को हाईवे पर वाहनों की लाइट जलानी पड़ी। बारिश शहर के कुछ हिस्सों और बाईपास पर तेज रही, जबकि देहात में हल्की रही। बारिश के बीच तेज हवाओं से दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तामपान 34.4 और रात का न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 81 एवं न्यूनतम 55 प्रतिशत दर्ज की गई। बारिश 0.5 मिमी रिकार्ड की गई। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष का कहना है कि लोकल स्तर पर बने लो प्रेशर के दबाव के चलते अचानक बारिश हुई। यही कारण रहा कि कहीं बारिश तेज तो कहीं धीमी रही। अभी मौसम का असर ऐसे ही रहेगा, मानसून का सिस्टम कमजोर होने से मौसम में बदलाव रहेगा। वहीं, रात में भी बारिश हुई।
बारिश से शहर में जलभराव
मेरठ। बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इससे कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। गलियों में लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए। नाले उफन गए और सड़कों पर बह निकले। नाला सफाई में नगर निगम की पोल खोलने के लिए बुधवार को हुई बारिश ही काफी है।
बुधवार दोपहर को शहर के कुछ इलाकों में बादल जमकर बरसे। जलभराव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर के छतरीवाले पीर से खैरनगर चौराहा तक जलभराव इतना अधिक हुआ कि दोपहिया ही नहीं बल्कि चौपहिया वाहन भी पानी में बंद हो गए। पानी दुकानों में पहुंच गया। इसके अतिीिक्त दिल्ली रोड, ब्रह्मपुरी, तेजगढ़ी चौराहा क्षेत्र आदि इलाकों में जलभराव हो गया। शहर के नाले उफन गए। इससे नालों की गंदगी बारिश के पानी के साथ सड़कों पर फैल गई। इसके अलावा शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव हो गया।
वहीं, लिसाड़ी गेट क्षेत्र के नालों-नालियों की सफाई नहीं होने से जलभराव से जनजीवन प्रभावित रहा। कांच के पुल से फतेउल्लापुर तक मुख्य मार्ग की हालात खस्ता होने से लोगों का गुजरना दुश्वार रहा। लगातार वर्षा होने से क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर जलभराव की स्थिति रही। अहमद नगर, मजीदनगर, इत्तेफाक नगर, खुशहाल नगर, शाहजहां कॉलोनी, शौकत कालोनी, जाकिर हुसैन कॉलोनी की दो दर्जन से अधिक गलियों में लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। क्षेत्र के रफीक अहमद एवं शहजाद ने बताया कि क्षेत्र के नालों और नालियों की व्यापक सफाई नहीं होने से जलभराव से रूबरू होना पड़ रहा है। विकास के नाम पर क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है। समस्याओं की बाबत नगर निगम प्रशासन को अवगत कराया गया। इसके बावजूद क्षेत्र के लोग नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं।