आज से अतिदोहित कस्तला में शुरू होगा वर्षा जल संचयन
मेरठ। स्कूलों, पंचायत घरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वर्षा जल संचयन की मुहिम शुरू हो रही है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी शनिवार को जिले के सबसे अतिदोहित ब्लॉक रजपुरा के गांव कस्तला के प्राथमिक विद्यालय में रेनवाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम का शुभारंभ करेंगे।
16 जून को ही अमर उजाला ने ‘बूंद-बूंद सहेजने के लिए प्राइमरी स्कूलों से होगी शुरुआत’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। हाल ही में शासन की ओर से हुई वेबिनार में रायबरेली मॉडल पर कार्य करने का सुझाव रखा गया था। वहां रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम की शुरुआत स्कूलों से ही की गई है।
इस अभियान के लिए 12 ब्लॉक के प्राइमरी स्कूलों को चिह्नित किया गया है। 1063 स्कूलों में रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। वहीं, सभी बीडीओ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यहां भी जल्द व्यवस्था की जानी है। रजपुरा ब्लॉक में जलस्तर 15 मीटर से नीचे चला गया है।
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अटल भूजल योजना में शामिल है रजपुरा
जिले में अटल भूजल योजना में जिन दो ब्लॉकों को शामिल किया गया है। उसमें खरखौदा और रजपुरा हैं। इन दोनों ब्लॉकों की स्थिति बेहद गंभीर है। इन्हीं दोनों ब्लॉकों में पानी का जलस्तर बढ़ाने के लिए बेस लाइन डाटा तैयार किया जा रहा है। इसमें जलस्तर बढ़ाने के विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है।
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हस्तिनापुर पहुंचकर देखी भीकुंड झील और काली नदी
मुख्य विकास अधिकारी ने हस्तिनापुर पहुंचकर भीकुंड झील और काली नदी की स्थिति को देखा। उन्होंने काली नदी को पुनर्जीवित करने के लिए तुरंत जिला विकास अधिकारी और डीआरडीए के इंजीनियर को शनिवार को मौका-मुआयना करने के आदेश दिए। सीडीओ ने बताया कि काली नदी के हिस्से को पुनर्जीवित किया जा सकता है।
दौराला से लेकर रजपुरा ब्लॉक से पहले तक इसके पुनर्जीवित करने की संभावना है। वहीं, भीकुंड झील के लिए एक तालाब की सफाई करानी होगी। इसके लिए भी हस्तिनापुर बीडीओ शैलेंद्र को निर्देश दिए गए। निरीक्षण में नीर फाउंडेशन के रमन त्यागी मौजूद रहे।