मुजफ्फरनगर की कंपनी राना स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शाह मोहम्मद राना ने 150 से अधिक ट्रांजेक्शन और फर्जी बिलों के जरिये 26.41 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। माल एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) टीम ने बृहस्पतिवार को फैक्टरी में जांच पड़ताल की और निदेशक को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शैलेश पांडेय ने शाह मोहम्मद राना को शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
डीजीजीआई की डिप्टी डायरेक्टर श्रेया गुप्ता ने बताया कि टीम ने बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर स्थित राना स्टील पर जांच पड़ताल की। जांच में पता चला कि जनवरी 2022 से जुलाई 2024 के बीच कंपनी ने अपने डीलर और रिटेलरों को फर्जी बिलों (इनवॉइस) की मदद से गुपचुप तरीके से माल बेचा। दस्तावेज और मोबाइल आदि से भी विभिन्न जानकारी जुटाई गईं। मौके से शाह मोहम्मद राना को गिरफ्तार किया गया। टीम में विकास कुमार, अखिल, पंकज त्यागी, संजय आदि रहे। कार्रवाई के दौरान निदेशक के पक्ष में 250 से अधिक लोगों की भीड़ ने हंगामा किया। इस संबंध में मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
कोर्ट में पेश किए फर्जी बिल
डीजीजीआई की तरफ विशेष अभियोजन अधिकारी लक्ष्य कुमार सिंह और वंदना सिंह ने पक्ष रखा और फर्जी बिल पेश किए। कचहरी परिसर में आरोपी की पक्ष की तरफ से काफी लोग मौजूद रहे।