जातीय हिंसा से सुलग रहे सहारनपुर में राजनैतिक लाभ उठाने की कवायद शुरू हो गई है। राहुल गांधी 27 मई को सहारनपुर पहुंचना चाहते थे, लेकिन एडीजी (कानून-व्यवस्था) आदित्य मिश्रा ने उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं दी। बृहस्पतिवार को गृह सचिव के नेतृत्व में पूरा प्रशासनिक अमला शब्बीरपुर में घर-घर पहुंचा और शांति की अपील की।
अफवाहों को लगाम देने के लिए दोपहर 12 बजे से जिले भर में मोबाइल पर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। हिंसा के छह मामलों में 96 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उधर, शब्बीरपुर जाने की कोशिश कर रही पूर्व केन्द्रीय मंत्री शैलजा कुमारी को सहारनपुर की सीमा पर ही रोक दिया गया। देवबंद के भाजपा विधायक ब्रिजेश सिंह बिना सूचना के गांव पहुंच गए। हालांकि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वे लौट गए।