हस्तिनापुर थाने पर क्यूआरसीएस ड्रिल के लिए पहुंची आरएएफ की टीम स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। दंगा होने की स्थिति से निपटने के लिए 108 आरएएफ मेरठ की कंपनी ने हस्तिनापुर पहुंचकर थाना पुलिस के साथ ड्रिल किया।
ड्रिल में टीम द्वारा देखा गया कि दंगा होने की स्थिति में आरएएफ की टीम को हस्तिनापुर पहुंचने में कितना समय लगेगा और उसके बाद किस प्रकार से एहतियात बरती जाए, जिससे दंगे को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके। इसकी ड्रिल की गई। इसमें सुभारती विश्वविद्यालय के सामने स्थित आरएएफ मुख्यालय से हस्तिनापुर थाने तक पहुंचने में कंपनी ने करीब एक घंटा 48 मिनट का समय लिया। आरएएफ 108 के कमांडेंट रबीश कुमार सिंह के निर्देशानुसार उप कमांडेंट सतीश सांगवान के नेतृत्व एवं द्वितीय कमान अधिकारी विनय कुमार शर्मा के सुपरविजन में कंपनी के साथ ड्रिल के लिए हस्तिनापुर थाने पहुंचे और वहां से संबंधित मुख्यालय को सभी गतिविधियों की रिपोर्ट भेजी।
उप कमांडेंट सतीश सांगवान ने बताया कि ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में दंगा फसाद हो जाता है तो कम से कम समय में पुलिस के कॉल पर कितने समय में पहुंचकर दंगा नियंत्रण कर सकते हैं। मुख्यालय से हस्तिनापुर पहुंचने में कंपनी ने एक घंटा 48 मिनट का समय लिया। उसके बाद थाने पर पहुंचकर इस स्थिति को कैसे संभाला जाए, इसके बारे में ड्रिल की गई।