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कम्युनिटी किचन के खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल, हंगामा

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कम्युनिटी किचन के खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल, हंगामा
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मेरठ। सरकार कोशिश कर रही है कि लॉकडाउन के दौरान कोई भूखा न सोए। इसके लिए कम्युनिटी किचन की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन अब इस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बृहस्पतिवार को परतापुर स्थित कम्युनिटी किचन के खाने की गुणवत्ता को लेकर लोगों ने हंगामा किया। आरोप है कि खराब खाना दिया गया। पार्षद ने किसी तरह मामले को संभाला और अफसरों से इसकी शिकायत की।
लॉकडाउन में जरूरतमंदों और गरीबों को प्रशासन की ओर से खाना उपलब्ध कराने के लिए कम्युनिटी किचन बनी हैं, जिनका जिम्मा एसडीएम संभाल रहे हैं। नोडल अफसर की तैनाती भी की गई है, जो पार्षदों के सहयोग से खाना गरीब परिवारों को भिजवा रहे हैं। सिविल लाइन के सुभाष नगर वार्ड-29 में परतापुर की भल्ला इंटरनेशनल कम्युनिटी किचन से बृहस्पतिवार को खाने के 250 पैकेट पहुंचे।
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पार्षद पवन चौधरी ने यह पैकेट वितरित कर दिए। कुछ देर बाद ही बांटे गए खाने के सारे पैकेट वापस आ गए। लोगों ने खाना खराब होने की शिकायत करते हुए हंगामा किया और पार्षद के खिलाफ थाने में शिकायत करने की बात कही, जिन्हें किसी तरह समझाकर लौटाया। पार्षद ने पहले एसडीएम चंद्रेश सिंह और फिर नोडल अफसर प्रदीप कुमार को मामले की जानकारी दी। दोनों अफसरों ने दूसरा खाना भिजवाने का भरोसा दिया।
दो दिन पहले भी पहुंचा था खराब खाना
भाजपा पार्षद पवन चौधरी ने बताया कि दो दिन पहले भी खराब खाना भेजा गया था। शिकायत के बावजूद बृहस्पतिवार को फिर वहीं शिकायत सामने आई। सुबह 9 बजे तक और शाम को 6 बजे तक खाना लाने का समय निर्धारित है। बृहस्पतिवार को जो खाना दोपहर 1 बजे पहुंचा, वह सुबह का था। पार्षद ने जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से शिकायत करने की बात कही है।
इस संबंध में एसडीएम चंद्रेश सिंह का कहना है कि सुभाष नगर वार्ड-29 में खराब खाने की शिकायत मिली है। इसके बारे में जानकारी की जा रही है। लोगों को मानक के अनुरूप खाना पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
राशन न मिलने पर किया हंगामा
मेरठ। वार्ड-17 अब्दुल्लापुर में बिना राशन कार्ड धारकों को नगर निगम की टीम में शामिल दो युवकों ने तीन माह का राशन दिलवाने के नाम पर प्रति घर से 100-100 रुपये मांगे। जिस पर लोगों ने हंगामा करते हुए टीम को वापस लौटा दिया। पार्षद शौकत गुप्ता ने नगर आयुक्त से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की।
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प्रदेश सरकार द्वारा बिना राशन कार्ड वाले गरीब परिवारों को राशन नहीं मिलने पर वार्ड-17 के पार्षद शौकत गुप्ता ने सेक्टर मजिस्ट्रेट ध्यान चंद्र से शिकायत की थी। जिस पर सेक्टर मजिस्ट्रेट ने आधार कार्ड के आधार पर राशन सप्लाई का आश्वासन देते हुए ऐसे लोगों की सूची तैयार करने को कहा था। पार्षद शौकत गुप्ता ने आरोप लगाते हुए बताया कि बृहस्पतिवार को नगर निगम की ओर से सेक्टर मजिस्ट्रेट ध्यानचंद्र, हाउस टैक्स विभाग से नवल सिंह अपने दो अन्य साथियों के साथ अब्दुल्लापुर पहुंचे। जहां पर बिना कार्ड धारकों की सूची तैयार की जा रही थी। वहीं दूसरी ओर, पीछे चल रहे नगर निगम के दो अन्य कर्मचारियों ने ग्रामीणों ने 100-100 रुपये मांगते हुए तीन माह तक राशन सप्लाई का आश्वासन दिया।
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