सात दिन से अधिक न होना चाहिए चिकित्सकों का क्वारंटीन समय
मेरठ। शासन अपनी क्वारंटीन नीति की समीक्षा करे और पीपीई किट का प्रयोग कर रहे चिकित्सकों को क्वारंटीन न किया जाए। अगर करना है तो सात दिन से ज्यादा न करें। यह कहना है आईएमए के चिकित्सकों का। रविवार दोपहर मेरठ के चिकित्सकों की ऑनलाइन संगोष्ठी प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ हुई। जिसमें आईएमए अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार शर्मा, वरिष्ठ कार्डियोलाजिस्ट डॉ राजीव अग्रवाल, वरिष्ठ सर्जन डॉ सुनील जिंदल ने हिस्सा लिया।
आईएमए ने प्रभारी मंत्री को कोरोना महामारी में चिकित्सकों को इमरजेंसी मरीजों को देखने में आ रही परेशानियों के बारे में बताया। कहा कि नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की वेबसाइट के निर्देशानुसार, चिकित्सकों को क्वारंटीन किया जाए। 14 दिन आइसोलेशन सेंटर व 14 दिन होम क्वारंटीन में रखकर समाज को 28 दिन चिकित्सक की सेवाओं से वंचित किया जाए। दिल्ली और सिंगापुर आदि में चिकित्सक को सात दिन क्वारंटीन किया जा रहा है, वह भी अस्पताल या घर पर। गंभीर रोगियों (जैसे हार्ट अटैक, ब्रेन हैमरेज, अपेंडिक्स आदि) के अस्पताल से छुट्टी के बाद, कोरोना संक्रमण होने पर दंडात्मक कार्रवाई की धमकी ना दी जाए। अस्पताल सील करने व डाक्टर को गिरफ्तार करने जैसे शब्दों का उपयोग ना किया जाए। डॉ राजीव अग्रवाल ने कहा कि सामान्य चिकित्सकों को हाई रिस्क में न रखा जाए। अधिकारी भाषा का दुरुपयोग न करें। आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर नवीन शर्मा ने बताया कि प्रभारी मंत्री ने उनके सुझावों और मांगों पर जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।