कूड़ा उठान से पहले भवनों पर चस्पा होंगे क्यूआर कोड
मेरठ। महानगर में घर-घर कूड़ा उठाने का कार्य कंपनी एक मार्च से शुरू करेगी। घरों पर लगाए जाने वाले क्यूआर कोड, सुविधाओं से संबंधित जानकारी और शिकायत करने के लिए मोबाइल नंबर के स्टीकर तैयार किए जा रहे हैं। भवनों पर क्यूआर कोड चस्पा होंगे। इनके माध्यम से ही 12 फरवरी को सर्वे शुरू किया जाएगा। बुधवार को कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और नगरायुक्त के बीच वार्ता हुई। इसमें कंपनी ने सूरजकुंड वाहन डिपो में खुलने वाले कंट्रोल रूम और वाहन डिपो, वाशिंग स्टेशन, गैराज का नक्शा भी प्रस्तुत किया गया।
नगर निगम ने शहर के 73 वार्डों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी बीबीजी इंडिया कंपनी को सौंपी है। कंपनी पहले चरण में सूरजकुंड वाहन डिपो के 34 वार्डों में व्यवस्था शुरू करेगी। इसके बाद 12 फरवरी से सिविल लाइन क्षेत्र से सर्वे शुरू किया जाएगा। इसे लेकर बुधवार को नगरायुक्त मनीष बसंल ने बीबीजी इंडिया कंपनी के प्रोजेक्ट हेड शलिल शील के साथ बैठक की। इसमें कंपनी के अधिकारी ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और सूरजकुंड वाहन डिपो में कंट्रोल रूम और वाहन डिपो के लिए चयनित स्थल का नक्शा भी प्रस्तुत किया। अधिकतर बिंदुओं पर नगर निगम और कंपनी में सहमति बन गई है।
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घर-घर पर लगेंगे स्टीकर, कर्मचारी चयनित
- महानगर में हर घर के गेट पर क्यूआर कोड और एक स्टीकर लगाया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने 50 कर्मचारियों का चयन कर लिया है। क्यूआर कोड के माध्यम से कूड़ा उठान का सत्यापन होगा। वहीं स्टीकर पर लिखे मोबाइल नंबर पर भवन स्वामी अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे। इतना ही नहीं स्टीकर पर कंपनी की तरफ से दी जाने वाली सेवा भी सार्वजनिक होंगी।
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सर्वे के लिए तैयार किया जा रहा है एप
- भवन सर्वे और क्यूआरकोड स्कैन करने में इस्तेमाल के लिए मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है। कंपनी के प्रोजेक्ट हैड शलिल शील ने बताया कि एप का 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 10 फरवरी तक क्यूआर कोड और स्टीकर मिलने की उम्मीद है। सर्वे के बाद एक मार्च से कूड़ा उठान शुरू होगा।