हजार-दो हजार रुपये बकाया बिल होने पर लोगों के कनेक्शन काटने में देर नहीं करने वाला पीवीवीएनएल बीपीएल परिवारों को कनेक्शन देकर उनसे बिल लेना ही भूल गया। ये लोग तीन साल तक बिना बिल के ही बिजली फूंकते रहे, लेकिन विभाग के अधिकारियों को इसकी खबर तक नहीं हुई। मामले का पता लगा तो विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गोपनीय रखते हुए इस चूक को तेजी से दुरुस्त किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार 10 हजार घरों ने तीन साल में करोड़ों की बिजली फूंक डाली।
केंद्र सरकार की राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गांवों में विद्युतीकरण के अलावा बीपीएल परिवारों को निशुल्क कनेक्शन दिए जाते हैं। इस योजना के तहत सपा सरकार के समय में पीवीवीएनएल के सभी 14 जनपदों में करीब दस हजार से ज्यादा बीपीएल परिवारों को कनेक्शन दिए गए थे। कर्मचारियों ने बीपीएल परिवारों को निशुल्क कनेक्शन तो दिए, लेकिन इन कनेक्शनों को अपने सिस्टम पर अपलोड नहीं कर पाए। इसका असर यह हुआ कि इन कनेक्शनों का पिछले तीन साल से विद्युत बिल भी जनरेट नहीं हो सका। करोड़ों रुपये के बिल उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचने से विभाग को इतने बड़ा राजस्व भी नहीं मिल सका।
मामले का पता लगने पर मचा हड़कंप
पिछले तीन साल से इतनी बड़ी संख्या में जारी कनेक्शनों को बिल जारी नहीं होने का मामला खुला तो विभाग में हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारियों ने पता लगते ही इन कनेक्शनों को गुपचुप तरीके से सिस्टम पर अपलोड कराना शुरू कर दिया, लेकिन मामला छिपाने के बाद भी ऊर्जा भवन तक पहुंच गया। इस पर संज्ञान लेते हुए एमडी अभिषेक प्रकाश ने सभी संबंधित अधिकारियों के पेंच कसते हुए जल्द से जल्द कार्य पूरा कर बिल वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
कनेक्शन को सिस्टम पर करना पड़ता है अपलोड तभी बनता है बिल
जारी किए गए कनेक्शन को सिस्टम पर अपलोड करना होता है। जब तक सिस्टम पर अपलोड नहीं किया जाता तब तक उसका बिल जनरेट नहीं होता है। मीटर रीडर उपभोक्ता के घर पहुंचते हैं, लेकिन स्पोट बिलिंग मशीन (एसबीएम) में उक्त उपभोक्ता के कनेक्शन की जानकारी फीड नहीं होने पर उसका बिल नहीं बन पाता है। मीटर रीडर बिना बिल के ही वापस लौट आता है।
केंद्र सरकार करती है कनेक्शन फीस की भरपाई
केंद्रीय योजनाओं के तहत निशुल्क दिए जाने वाले कनेक्शनों की फीस की भरपाई केंद्र सरकार ही करती है।
मामले की हो रही जांच, होगी कार्रवाई
एमडी पीवीवीएनएल मेरठ अभिषेक प्रकाश का कहना है कि बीपीएल कनेक्शनों को देकर उनका बिल नहीं बनने के मामले की जांच कराई जा रही है। साथ ही इन कनेक्शनों का रिकार्ड दुरुस्त कर उनका बिल वसूलने की प्रक्रिया चल रही है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।