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दो बूंद जिंदगी की: 10 माह बाद चला अभियान, पांच लाख से ज्यादा बच्चों को पिलाने का है लक्ष्य 

Sun, 31 Jan 2021 01:05 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- 10 फरवरी तक चलेगा अभियान, पांच लाख से ज्यादा बच्चों को पिलाने का है लक्ष्य 
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पोलियो- file photo
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विस्तार
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पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत आज से हो रही है। मेरठ में पोलियो बूथ पर 5 वर्ष तक के सभी 5,41,307 बच्चों को पोलियो वैक्सीन की दो बूंद पिलाई जाएगी। 
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि एक, दो, तीन फरवरी को बूथों पर, इसके बाद 6 और 7 फरवरी को टीम घर- घर जाकर और 9, 10 फरवरी को पोलियो की बी टीमें छूटे हुए बच्चों पोलियो की दवा पिलाएंगी। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्मगुरुओं, राजनीतिक प्रतिनिधियों, डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ आदि का भी सहयोग लिया जाएगा।

10 माह बाद चलेगा अभियान
डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि 10 माह बाद पोलियो अभियान चलाया जाएगा, हालांकि नियमित टीकाकरण कोरोना के समय भी जारी रहा। उन्होंने बताया कि भारत पोलियो मुक्त है, लेकिन पोलियो कुछ देशों में अभी भी है और फिर लौट सकता है। इस वजह से अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील कि है कि वह अपने बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलाएं।
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बागपत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ दीपा सिंह ने बताया कि पूर्व में शासन ने 17 जनवरी से पोलियो अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। 16 जनवरी को कोरोना वैक्सीन लांच करने का कार्यक्रम होने के कारण पोलियो अभियान को स्थगित कर दिया गया था।

अब जिले में रविवार से शुरू होने वाले पोलियो अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई है। बच्चों को पोलियो ड्राप्स पिलाने के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर आशा व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का ड्यूटी चार्ट तैयार कर लिया गया है। 

सहारनपुर में सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी ने कहा कि भारत से पोलियो को पूरी तरह खत्म किया जा चुका है। इसका श्रेय सरकार, प्रशासन, चिकित्सा विभाग और प्रत्येक नागरिक को जाता है, जिसने अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग किया।

उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को चलने वाले पल्स पोलियो अभियान में पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जानी है। यदि किसी बच्चे को कोई परेशानी है और वह दवा नहीं पी रहा है या परिजन नहीं पिला रहे हैं, तो चिकित्सक मौके पर जाकर स्थिति को देखेंगे। प्रयास यही रहना चाहिए कि कोई भी बच्चा दवा पीने से ना छूटे। 
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