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पुलिस की जांच में स्वाति के परिजन गुनहगार

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अधिवक्ता ओमकार सिंह की आत्महत्या का मामला
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने शुरू की दबिश, खुफिया विभाग अलर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। अधिवक्ता ओंकार सिंह की मौत के मामले में पुत्रवधू स्वाति के परिजन पुलिस जांच में गुनहगार साबित हो गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस ने शुक्रवार को फिर से दबिश की कार्रवाई शुरू कर दी है। भाजपा विधायक व नामजद अन्य आरोपियों की जांच चल रही है। सुसाइड नोट की लिखावट का मिलान वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य रहेगी। वहीं मामले को लेकर खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है।
गंगा नगर के ईशा पुरम निवासी अधिवक्ता की मौत में नामजद आरोपी संजय मोतला की खुदकुशी के बाद माहौल बदल गया। संजय की मौत के बाद पुलिस की जांच भी रुक गई। अधिवक्ताओं के आक्रोश व मरने वाले दोनों लोगों के परिजनों को पुलिस अपनी कार्रवाई से संतुष्ट करने में लगी है। दोनों तरफ से नामजद मुकदमा है। दोनों परिवार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हैं।
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पुलिस का दावा है कि अधिवक्ता की मौत के मामले में प्राथमिक जांच में अधिवक्ता के बेटे लव कुमार के ससुराल पक्ष दोषी हैं। लव के ससुर और साले विवाद की वजह हैं। क्योंकि लव और उसकी पत्नी स्वाति के बीच कई बार विवाद हुआ। दोनों परिवार में कई बार टकराव के हालात भी बने।
ऑडियो ने खोला मौत का राज
जांच में सामने आया कि 12 फरवरी को लव खतौली में स्वाति के घर गया था। इसको लेकर दोनों परिवार के लोगों के बीच फोन पर नोकझोंक हुई। उसके बाद खतौली थाने में तहरीर दी। इससे अधिवक्ता ज्यादा डिप्रेशन में आ गए। इसके अलावा भी पुलिस ने कई ऑडियो बरामद की है, जिसमें पुलिस को महत्वपूर्ण सुबूत मिले हैं। पुलिस की जांच में इसी आधार पुलिस ने स्वाति के परिजनों को गुनहगार माना गया है।
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सुबूत के आधार पर होगी कार्रवाई
प्राथमिक जांच में अधिवक्ता की मौत के मामले में मुख्य आरोपी स्वाति के परिजन हैं। उनकी तलाश पर पुलिस की दबिश चल रही है। भाजपा विधायक व अन्य नामजद लोगों की भी जांच चल रही है। सुबूत के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। - अजय साहनी, एसएसपी
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