मेरठ के सिविल लाइन थाना इलाके के पांडव नगर में सरस्वती टावर के पीजी में शुक्रवार सुबह चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में मनोविज्ञान विषय की शिक्षिका नईमा (29) का शव उसी के कमरे में पंखे से लटका मिला।
मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में छात्र-छात्राओं को मनोविज्ञान की शिक्षा देने वाली शिक्षिका नईमा खुद तनाव में जिंदगी से हार गई और मौत को गले लगा लिया। पुलिस परिजनों को सुसाइड नोट के बारे में जानकारी दी। पिता नौशाद ने आरोपी तारिक व उसके परिजनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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नईमा लगभग तीन साल से मेरठ में रह रही थी। मकान मालकिन व पीजी में रह रहे अन्य लोगों ने बताया कि नईमा बहुत ही खुशमिजाज थी। पिता ने बताया कि नईमा सभी भाई-बहनों में सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी थी। पिता ने कई बार बेटी को शादी के लिए कहा था। लेकिन वह सरकारी नौकरी लगने के बाद शादी करने की बात कहती थी। पिता के अनुसार, वह शिक्षा के उजाले से गरीबी के अंधेरे को दूर करना चाहती थी।
सुसाइड नोट में बयां किया दर्द, पिता बोले- बेटी ने कभी परेशानी के बारे में नहीं बताया
पिता नौशाद ने पुलिस को बताया कि बृहस्पतिवार रात नईमा ने अपनी मां व भाई से मोबाइल पर बात की थी। उसने परिजनों का हाल जाना। उसने शुक्रवार को घर आने की बात कही थी, लेकिन परिजनों को क्या पता था कि उसके आने से पहले उसकी मौत की खबर ही उनक तक पहुंच जाएगी।
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प्रेमी और उसके परिवार से परेशान मनोविज्ञान की शिक्षिका ने दी जान
मेरठ के सिविल लाइन थाना इलाके के पांडव नगर में सरस्वती टावर के पीजी में शुक्रवार सुबह चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में मनोविज्ञान विषय की शिक्षिका नईमा (29) का शव उसी के कमरे में पंखे से लटका मिला।
शिक्षिका के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें प्रेमी तारिक और उसके परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। वह मूल रूप से बागपत के करबा बड़ौत की रहने वाली थी।
प्रेमी तारिक और उसके परिजनों के खिलाफ केस
पुलिस का कहना है कि उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने देर रात को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने पिता नौशाद की तहरीर पर प्रेमी तारिक और उसके परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है।
बागपत जनपद के कस्बा बड़ौत के बड़का रोड पठानकोट मोहल्ला निवासी नौशाद ने तहरीर दी है। इसमें बताया कि वह मजदूरी करते हैं। परिवार में पत्नी फातिमा हैं। उनकी पांच बेटी व एक एक बेटा है। चार बेटियों की शादी हो चुकी है। नईमा दूसरे नंबर की थी।
पीड़ित पिता के अनुसार, बेटी पांडव नगर में सरस्वती टावर में सतीश वरीका के पीजी में तीन साल से रह रही थी। नईमा करीब एक साल से सीसीएसयू में संविदा शिक्षिका थी। पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार रात शिक्षिका खाना खाने के बाद अपने कमरे में चली गई थी।
शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आई तो मकान मालकिन पारुल ने खाना बनाने वाली महिला को कमरे में भेजा। कमरा अंदर से बंद था। महिला ने शिक्षिका को कई बार आवाज लगाई। मगर शिक्षिका नईमा के कमरे से कोई जवाब नहीं मिला।
महिला ने कमरे की खिड़की से झांककर देखा तो शिक्षिका का शव कमरे के पंखे पर दुपट्टे से लटका हुआ था। शव को पंखे से लटका देख महिला ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। सूचना पर पुलिस पहुंची।
पुलिस को मिला सुसाइड नोट
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शिक्षिका के शव को नीचे उतारा। एक सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस ने शिक्षिका के परिजनों को फोन कर मामले की जानकारी दी। शिक्षिका की मौत की जानकारी के बाद परिजनों का रोकर बुरा हाल है।
सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी का कहना है केस दर्ज कर लिया गया है। मामला प्रेमी पक्ष की ओर से किए गए उत्पीड़न से जुड़ा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगा दी है। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।
सुसाइड नोट में लिखा तारिक, उसकी अम्मी, अब्बू और भाई ने किया परेशान
पिता के मुताबिक सुसाइड नोट में नईमा ने लिखा था कि पापा... तारिक, उसकी अम्मी, अब्बू व भाई-बहन उसकी मौत के लिए जिम्मेदार हैं। वे काफी समय से उत्पीड़न कर रहे हैं। मारपीट भी की है। तारिक लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। सुसाइड नोट व शिक्षिका के मोबाइल को सबूत के तौर अपने पास रख लिया है।
देर रात को परिजन शव लेकर बड़ौत चले गए। पुलिस शिक्षिका के मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी व उसके परिवार को तलाश में लग गई है। पुलिस के अनुसार शिक्षिका के मोबाइल पर पासवर्ड लगा हुआ है। पासवर्ड को सर्विलांस की मदद से खुलवाया जाएगा। मोबाइल के अंदर आत्महत्या से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत हैं।