सपा और रालोद के रंग में रंगा धरना
धरने के तीसरे दिन सभी समाजवादी पार्टी और रालोद की टोपी लगाकर धरने में बैठे रहे। किसानों ने लाल और हरे-सफेद रंग की टोपी लगा रखी थी। सपा की टोपी पर एक तरफ अतुल और दूसरी तरफ अखिलेश यादव लिखा था। इससे धरने में चर्चा रही कि यह धरना किसानों का नहीं बल्कि राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है।
किसानों ने रागिनी में बयां किया दर्द
किसानों ने धरना समाप्ति से पूर्व अधिकारियों को रागिनी सुनाई। यह रागिनी जमीन अधिग्रहण पर आधारित थी।
अब जागो मजबूर किसानों, घनी विपत्ति आई।
आज म्हारे से जुदा हुई म्हारी प्यारी धरती माई।
आज खड़े हैं रणभूमि में पीछे हटने का नाम नहीं।
जबरन भूमि अधिग्रहण का होने देंगे काम नहीं।
शासन और प्रशासन से डरके करें सलाम नहीं।
बेशक हमें मंजूर हो आने वाली शाम नहीं।
आज म्हारे से विदा हुई म्हारी प्यारी धरती माई।
ये हैं किसानों की मांगें
1. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एक प्रोजेक्ट के लिए एक समान मुआवजा दिया जाए।
2. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर एक समान मुआवजा दिया जाए।
3. डासना से मेरठ तक किसानों के आवागमन के लिए सर्विस रोड का निर्माण।
4. टेंडर में वर्णित अंडरपास की ऊंचाई 5.5 मीटर हो। इसे छोटा कर दिया गया है।
5. मुआवजे की रकम से कृषि भूमि खरीदने पर स्टांप शुल्क खत्म हो। आयकर के अवांछित नोटिस बंद हों।
6. हाईवे की साइड में किसानों के आवागमन को रोकने वाली दीवार को हटाया जाए।
7. रेलवे कॉरीडोर के लिए अधिग्रहीत भूमि की तर्ज पर प्रभावित हर खाताधारक को साढ़े पांच लाख रुपये दें।
8. किसानों को हाईवे के प्रयोग पर टोल टैक्स फ्री हो। प्रभावित किसानों के नौजवानों को रोजगार दिए जाएं।
9. सदर तहसील के गांव कांशी, सौलाना, अच्छरौंडा, भूडबराल, परतापुर सहित अन्य गांवों की आर्बिटेशन की सुनवाई नहीं हुई।
10. मुआवजे में बड़े स्तर पर अनियमितता, घोटाला, फर्जीवाड़े की शिकायतें आने पर भी कार्रवाई नहीं हुई।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/