भाकियू अराजनीतिक ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक ने सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू न होने पर प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया है। सोमवार को संगठन के जिला संगठन मंत्री मेरठ अमित चौधरी छबड़िया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी सरधना को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया कि सरधना क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशन की किताबें लागू कर दी गई हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। संगठन का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबें लगभग 30 रुपये में उपलब्ध हैं, वहीं निजी प्रकाशन की किताबें 300 से 400 रुपये तक में बेची जा रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि इस व्यवस्था में कमीशन का खेल चल रहा है। कुछ बुक विक्रेताओं के माध्यम से स्कूलों में निजी कोर्स थोपे जा रहे हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह को भी इस संबंध में जानकारी दी और शिक्षा विभाग के आदेशों का हवाला दिया, जिनमें सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य बताया गया है।
संगठन ने आरोप लगाया कि सरधना क्षेत्र में कुछ बुक विक्रेता बड़े पैमाने पर किताबों की आपूर्ति कर रहे हैं। इससे करोड़ों रुपये के लेनदेन और टैक्स चोरी की आशंका है। किसान यूनियन ने उपजिलाधिकारी से मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन तहसील स्तर पर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस मौके पर जॉनी त्यागी, जगमाल पाल, श्रीपाल, इदरीश, राजेंद्र, सुशील, शिवकुमार, ध्रुव, अंबुज त्यागी, राजन, विनती त्यागी, मनोज कुमार, सचिन, हर्ष, शिवम, अभिलाष करनावल, गोलू, नीरज राठी, शुभम, जितेंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।