बीएड परीक्षा में सेल्फ सेंटर बनाने और परीक्षा के साथ प्रैक्टिकल कराने के मुद्दे को लेकर छात्रों ने शनिवार को विश्वविद्यालय में हंगामा किया। डिप्टी रजिस्ट्रार का घेराव किया। अल्पसंख्यक कॉलेजों पर विवि की मेहरबानी पर आपत्ति दर्ज कराई। प्रैक्टिकल बाद में कराने का आश्वासन छात्रों को दिया गया है।
गौरतलब है कि 15 मई से विश्वविद्यालय की मेरठ और सहारनपुर मंडल में बीएड सत्र 2015-17 और 2016-18 की परीक्षा शुरू हो रही हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर भी कुछ सत्रों की रुकी परीक्षा हो रही है। उक्त दोनों मंडल में परीक्षा के लिए पहले 114 सेंटर बनाए गए थे। कुछ कॉलेजों को विवि ने सेल्फ सेंटर भी बना दिया। इसकी शिकायत राजभवन तक पहुंची तो वह बदल दिए गए। अब परीक्षा 104 केंद्रों पर हो रही है।
शनिवार को छात्रों ने डिप्टी रजिस्ट्रार परीक्षा वीपी कौशल का घेराव किया। आरोप लगाया कि पहले सेल्फ सेंटर बनाने और फिर हटाने से परीक्षा व्यवस्था बिगड़ी है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है। एडमिट कार्ड अभी तक वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुए। अल्पसंख्यक कॉलेजों के लिए आरोप लगाया कि परीक्षा से एक-दो दिन पहले तक भी इनके परीक्षा फार्म विवि जमा करता है। अल्पसंख्यक कॉलेजों पर इतनी मेहरबानी क्यों की जा रही है। परीक्षा के साथ प्रैक्टिकल कराने के निर्देश पर छात्रों ने इसे बाद में कराने की मांग की। डिप्टी रजिस्ट्रार ने कहा कि वह कुलपति से बात कर मामले में जवाब देंगे। कोशिश की जाएगी कि परीक्षा के बाद प्रैक्टिकल कराए जाएं। एडमिट कार्ड को लेकर आश्वासन दिया कि शनिवार रात तक वेबसाइट पर अपलोड हो जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में डीएन डिग्री कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित कुरमाली और अंबरीश बालियान शामिल रहे।