संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया एकता मंच ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों की समस्याओं को लेकर सरकार और अधिकारियों से 15 सूत्री मांगें पूरी करने की मांग की है। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष काजल कटारिया के नेतृत्व में भोजन माताओं ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में रसोइयों के कम मानदेय, नौकरी से हटाए जाने और अन्य समस्याओं का मुद्दा उठाया है।
ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को कम मानदेय दिया जा रहा है। संगठन ने सरकार से रसोइयों के मानदेय में वृद्धि करने और उनके हित में ठोस निर्णय लेने की मांग की है। साथ ही कहा कि रसोइयों की समस्याओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। संगठन ने समिति अध्यक्षों को हटाकर सरकारी स्तर पर रसोइयों की भर्ती, 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाली रसोइयों को उस समय मिलने वाले वेतन का आधा पेंशन के रूप में देने, जिला स्तर पर एमडीएम योजना को ठेकेदारी से रोकने और कार्यरत रसोइयों का मानदेय माह के प्रथम सप्ताह में उनके निजी खाते में भेजने की मांग की है।
स्कूल में तैनात रसोइयों के साथ दुर्घटना होने पर उपचार के लिए पांच लाख रुपये का बीमा कराने, महंगाई को देखते हुए कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने, राजनीतिक व असामाजिक कारणों से रसोइयों को न हटाने और बच्चों की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में विद्यालयों में रसोइयों को सफाई कार्य से अलग रखने, बिना नोटिस रसोइयों को हटाने पर रोक लगाने, स्कूलों में गैस सिलिंडर की व्यवस्था कर चूल्हे बंद कराने तथा जून माह का मानदेय देने की मांग भी शामिल है। संगठन ने वोट डालने के समय रसोइयों को भुगतान सुनिश्चित करने समेत अन्य मांगें भी उठाई हैं।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने खंड शिक्षा अधिकारी सुदर्शन लाल व बीडीओ सुमित भाटी को बुलाकर मामले में संज्ञान लिया और शासन को अवगत कराने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में संतोष, ममता, पूनम, पुष्पा देवी, सुमन, मिथलेश, शीला, कुसुम, हरकली, मुकेश देवी आदि शामिल रहीं।