मेरठ में शनिवार रात को धार्मिक स्थल के बाहर मांसाहार परोसने वाली दुकानों का ईसाई समाज के लोगों ने विरोध किया। मामला उस समय हंगामेदार हो गया जब एक भाजपा नेता दुकानदार के समर्थन में उतर आए। इसके बाद पुलिस ने न केवल दुकानदारों बल्कि गाड़ियों में बैठे युवकों को खदेड़ दिया। क्षेत्रीय दरोगा के खिलाफ नाराजगी सामने आई है।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र में ईसाई समाज का धार्मिक स्थल है। इसके बाहर पिछले कुछ समय से मांसाहार परोसने वाली दुकान संचालित हैं। कुछ छोटी गाड़ियां भी यहां चिकन आदि परोसती हैं। शाम होते ही इनकी आड़ में मयखाने भी गुलजार हो जाते हैं। शनिवार शाम ईसाई समाज के लोग दुकानों के विरोध में सड़क पर आ गए।
उनका आरोप था कि शराब के नशे में लोग धार्मिक स्थल के अंदर बोतलें फेंकते हैं। दीवार पर पेशाब तक किया जाता है, जिससे धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है। अभी ईसाई समाज विरोध जता ही रहा था कि एक दुकानदार ने फ़ोन कर अपने परिचित भाजपा नेता दीपक शर्मा को बुला लिया।
भाजपा नेता ने मौके पर पहुंचकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। लेकिन जब उन्हें बताया गया कि सभी दुकानों को हटाया जा रहा है तो वह शांत हो गए। पुलिस ने दुकानों को बन्द कराते हुए वहां खड़ी गाड़ियों को खदेड़ दिया। ईसाई समाज के लोगों में क्षेत्र के दरोगा इम्तियाज के खिलाफ खासी नाराजगी देखने को मिली।
उनका कहना था कि दरोगा के रहमोकरम पर दुकान चल रहीं थी। वह जल्द इस मामले में पुलिस अफसरों से शिकायत करेंगे। यहां से दोनों पक्ष थाने आ गए। ईसाई समाज के लोगों ने लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग की है। इंस्पेक्टर लालकुर्ती ने बताया कि दुकानों को हटवा दिया गया है। दोबारा दुकान लगीं तो कार्रवाई की जाएगी।
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