मेरठ। प्रदेश सरकार ने संपत्ति पंजीकरण और स्टाम्प शुल्क निर्धारण प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए मूल्यांकन दर-सूची (सर्किल रेट) के प्रारूप में बदलाव किया गया है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने एआईजी स्टांप को जनपद में नए सर्किल रेट का प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
एआईजी शर्मा नवीन कुमार एस ने बताया कि जनपद के सभी छह सब रजिस्ट्रार द्वारा इस संबंध में रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि एआईजी स्टांप कार्यालय ने मूल्यांकन दर-सूची के प्रारूप में आवश्यक संशोधन किए हैं। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी जिलों में मूल्यांकन दर-सूची में एकरूपता लाना है। इसका एक और लक्ष्य संपत्ति पंजीकरण के दौरान देय स्टाम्प शुल्क की गणना को आसान और पारदर्शी बनाना है। नए प्रारूप से जमीन, मकान, दुकान और अन्य अचल संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में मूल्यांकन संबंधी भ्रम कम होगा।
नए प्रारूप से आम नागरिकों को यह समझने में आसानी होगी कि किसी संपत्ति पर कितना स्टाम्प शुल्क देय है। इस बदलाव से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनने की उम्मीद है। सहायक महानिरीक्षक निबंधन को 12 जून 2026 तक त्रुटिरहित प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।