विलाप करते परिजन
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परिजनों के यह है आरोप
15 नवंबर को गंगानगर के अमर विहार में सपा नेता एवं व्यापारी श्रवण कुमार के यहां बदमाशों ने 30 लाख की डकैती डाली थी। घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी की फुटेज में पुलिस ने वाहनों के आवागमन को देखा। परिजनों के अनुसार, फेरम सिंह का उसी रास्ते पर हॉस्टल व नशा मुक्ति केंद्र भी है। वह अपनी वैगनआर कार से वहां गए थे। शक के आधार पर पुलिस ने 16 नवंबर को सरधना तहसील से फेरम सिंह और चचेरे भाई गौरव को हिरासत में ले लिया। एक अन्य युवक को भी उठाया था।
पुलिस ने परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी। रात में फेरम सिंह घर नहीं लौटे तो परिजन थाने पहुंचे, वहां हिरासत में लेने का पता चला। परिजनों के मुताबिक, तीन दिन तक पुलिस ने उन्हें थाने में बैठाकर रखा और प्रताड़ित किया। कई सत्तारूढ़ पार्टियों के नेताओं के कहने पर पुलिस ने 18 नवंबर की शाम उन्हें छोड़ा। फेरम सिंह के भतीजे प्रिंस के मुताबिक, चाचा थाने से आने के बाद से तनाव में थे। उन्होंने खाना भी नहीं खाया था। उन्हें समाज में हुई बदनामी का डर था। उन्हें लग रहा था कि पुलिस फिर से उन्हें उठा लेगी।