उत्तर प्रदेश में मेरठ के परतापुर क्षेत्र में एक गोदाम से एनसीईआरटी की करोड़ों रुपये की नकली पुस्तकें बरामद होने के बाद जब एसटीएफ की टीम मोहकमपुर में प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची तो पुस्तकों और दस्तावेजों में आग लगा दी गई। जिसमें से सबूत खोजने के लिए देर रात फोरेंसिक विशेषज्ञों का दल जांच करने प्रिंटिंग प्रेस पहुंचा।
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जांच करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
दल ने इस दौरान कई जगहों से नमूने उठाए। बताया जा रहा है कि आरोपी सचिन गुप्ता ने फैक्टरी में करोड़ों रुपये के दस्तावेज जलाने के लिए आग लगा दी थी। जिसकी जांच कराने के लिए ही फोरेंसिक जांच दल को बुलाया गया। बताया गया कि भाजपा के एक कद्दावर नेता की तीन फैक्टरियों पर पहले छापा पड़ा था। उत्तराखंड में भी इनकी फैक्टरियों पर छापा लगा था।
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किताबें बरामद
- फोटो : अमर उजाला
40-50 करोड़ की किताबें
सूत्रों ने बताया कि परतापुर स्थित गोदाम में 40 से 50 करोड़ के बीच की किताबें भरी पड़ी हैं। जिनको सूचीबद्ध करने में भी एसटीएफ और मेरठ पुलिस को काफी समय लग जाएगा।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
परतापुर पुलिस ने इस जगह को अपने कब्जे में ले लिया है, लेकिन बताया जा रहा है कि जिन करोड़ों रुपए के कागजातों को जलाने की यहां कोशिश की गई है, उनके फोटो और वीडियो फोरेंसिक जांच दल ने बना लिए हैं।
आज आएगी केंद्रीय टीम
मेरठ में करोड़ों रुपये की एनसीईआरटी की पुस्तकें बरामद होने का मामला शासन के अलावा केंद्र तक पहुंच गया। बताया गया कि इन पुस्तकों की जांच करने के लिए एनसीईआरटी का नई दिल्ली से एक विशेष दल शनिवार को मेरठ पहुंचकर जांच करेगा।
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