सहारनपुर। नगर निगम की मां शाकंभरी कान्हा उपवन गोशाला में तैयार किए जा रहे उत्पाद देशभर में नगर निगम का नाम रोशन कर रहे हैं। यहां 25 तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी दस राज्यों में बिक्री हो रही है। इनमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित नौ अन्य राज्य शामिल हैं। ऑनलाइन मांग लगातार बढ़ रही है।
गोशाला के वरिष्ठ प्रभारी/मुख्य अभियंता निर्माण बीके सिंह ने बताया कि गोशाला में निर्मित उत्पादों की दिल्ली, केरल, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और असम से ऑनलाइन मांग बढ़ी है।
सबसे ज्यादा मांग असम, केरल, आंध्र प्रदेश, बिहार व ओडिशा से है। इन राज्यों में गोमूत्र से निर्मित गोनाइल (फिनाइल) की सबसे ज्यादा खपत है। महाराष्ट्र में जैविक खाद तथा दिल्ली और पश्चिमी बंगाल में पूजा के लिए संभ्रानी कप की मांग आ रही है। उन्होंने बताया कि निगम की गोशाला ने यह उपलब्धि गत दो महीने में अर्जित की है।
गोशाला प्रभारी/निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने बताया कि गोशाला में 25 तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें गोनाइल, जैविक खाद, गो काष्ठ, दीये, संभ्रानी कप, धूपबत्ती, अगरबत्ती, हवन स्टिक, तोरणद्वार, राखी, नेम प्लेट, तिरंगा चेस्ट बैज, गणेश-लक्ष्मी प्रतिमा, ओइ्म, स्वास्तिक आदि शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि निगम की गोशाला विश्व की अकेली ऐसी गोशाला है, जो सबसे अधिक गो-उत्पाद तैयार कर रही है। इसके लिए गोशाला विश्व स्तर पर सम्मान भी पा चुकी है।