सहारनपुर विवि में कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू
मेरठ। सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया शासन ने शुरू कर दी है। नया विवि होने के कारण कुलपति की पहली नियुक्ति शासन की ओर से ही की जाएगी। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। सीसीएसयू के कई प्रोफेसर भी कुलपति बनने की दौड़ में शामिल हैं। वहीं सेल्फ फाइनेंस डिग्री कॉलेजेज वेलफेयर एसोसिएशन ने सहारनपुर राज्य विवि का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखे जाने की मांग की।
नया सत्र शुरू होने से पहले सहारनपुर राज्य विवि अस्तित्व में आ सकता है। हालांकि एडमिशन सीसीएसयू के पोर्टल पर ही होंगे, बाद में छात्र-छात्राओं के नाम सहारनपुर राज्य विवि में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इस विवि से सहारनपुर, मुजफ्फनगर और शामली के सभी एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संबद्ध हो जाएंगे। सहारनपुर विवि को पुवारकां स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में चलाने की मंजूरी दे दी गई है। फरवरी महीने से विवि के रजिस्ट्रार का काम सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा देख रहे हैं। आमतौर पर कुलपति की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, लेकिन नए विवि में पहली नियुक्ति शासन की तरफ से की जाती है। यह नियुक्ति तीन की जगह पांच साल के लिए होती है। 15 जुलाई से पहले शासन कुलपति की नियुक्ति कर देगा। वहीं एडमिशन की शुरुआत सीसीएसयू ही कराएगा।
सौ करोड़ दे चुका है सीसीएसयू
सीसीएसयू अपने बचत फंड से सौ करोड़ रुपये सहारनपुर विवि को दे चुका है। सहारनपुर विवि बनने से एडेड-राजकीय और सेल्फ फाइनेंस के करीब 190 कॉलेज सीसीएसयू से चले जाएंगे। कुछ स्टाफ भी ट्रांसफर होगा। इसके अलावा शासन से भी विवि के लए फंड जारी किया जा रहा है।