दूध में कैल्शियम और जरूरी विटामिन्स मिलते हैं, लेकिन जो दूध हम खरीद रहे हैं क्या वह शुद्ध है, कहीं उसमें कोई मिलावट तो नहीं है। अब दूध में मिलावट की जांच रिपोर्ट महीनों में नहीं, महज दो से पांच मिनट में आएगी। मेरठ में दूध में मिलावट की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन को एडवांस मशीन मिल गई है। यह मोबाइल दुग्ध टेस्टिंग लैब की तरह काम करेगी। दूध के सैंपल को जैसे ही मशीन में रखा जाएगा, चंद मिनट में ही उसकी रिपोर्ट डिजिटल स्क्रीन पर आ जाएगी। एफडीए अधिकारी जांच कर मौके पर ही रिपोर्ट देंगे, साथ ही मिलावट पाए जाने पर विक्रेता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक निर्धारण अधिनियम के तहत ऑन द स्पॉट कार्रवाई होगी।
दूध में मिलावट की जांच की रिपोर्ट आने में समय लगने केकारण विक्रेता दूध और इससे बने उत्पादों को बेच चुका होता है। पिछले दिनों दूध की जांच में यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, ऑयल, कॉस्टिक सोडा जैसी चीजें मिलती रही हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हैं।
छापेमारी होगी तेज
दूध के सैंपल के लिए पहले सैंपल की लंबी प्रक्रिया और रिपोर्ट के लंबे इंतजार के कारण गिनती के ही सैंपल लिये जाते थे। सबसे ज्यादा समस्या त्यौहारी सीजन में आती थी, जब तक रिपोर्ट आती थी, तब तक दूध से बने खाद्य पदार्थ की बिक्री हो चुकी होती थी। बिना रिपोर्ट के सील करना भी कठिन था। मौके पर ही रिपोर्ट मिलने से सैंपल ज्यादा मात्रा में लिये जा सकेंगे और रिपोर्ट साथ साथ मिलने से कार्रवाई में भी तेजी आएगी।
यह होगी जांच
- दूध में मौजूद तत्वों की मात्रा का निर्धारण मानकों के अनुरूप है या नहीं
- सोडा, यूरिया, कार्बोनेट व साल्ट की उपस्थिति
- दूध में वसा की मात्रा
- दूध की डेंसिटी (घनत्व)
- लैक्टोज (शर्करा) की मात्रा
- दूध में पानी की मात्रा
- अन्य किसी तरह की मिलावट
दो से पांच मिनट में मशीन देगी रिपोर्ट
यह मशीन इन तत्वों की मौजूदगी व दूध में होने वाली किसी भी प्रकार की मिलावट की रिपोर्ट सिर्फ दो से पांच मिट में दे देगी। पहले प्रयोगशाला में रिपोर्ट आने में महीनों का वक्त लग जाता था। ऐसे में मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पाती थी।
मई के आखिरी सप्ताह से होगी छापेमारी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद देव ने बताया कि दूध में मिलावट की जांच करने वाली मशीन मेरठ आ गई है। मशीन में कुछ तकनीकी खामी थी, जिस कारण अभी इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। मई के आखिरी सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में इसे मोबाइल लैब की तरह इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें टेक्नीशियन भी होंगे। मौके पर ही दूध का नमूना लेकर जांच की जाएगी। एफडीए की टीमें लोगों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह कैंप लगा रही हैं। उन्हें घर पर ही दूध की जांच करने की तरकीब बता रही हैं। साथ ही लोग मिलावट की शिकायत एफडीए में कर सकते हैं।
मिलावट मिली तो साथ साथ कार्रवाई
यदि छापामारी में दूध में मिलावट मिलती है तो कार्रवाई साथ साथ अमल में लायी जाएगी। तत्काल ही मुकदमा दर्ज होगा। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत छह माह से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
मिलावटी दूध से ये है खतरा
मिलावटी दूध के शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। यूरिया, कॉस्टिक सोडा और इसमें मौजूद फोरमेलिन से गैस्ट्रोएंट्रटिटिस से लेकर इम्पेयरमेंट, दिल के रोग, कैंसर और मौत तक हो सकती है। डिटर्जेंट से पाचन तंत्र की गड़बड़ी और फूड पॉयजनिंग हो सकती है. उच्च एल्केलाइन से शरीर के तंतु क्षतिग्रस्त और प्रोटीन नष्ट हो सकते हैं। एफएसएसएआई के ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक, दूध में पानी की मिलावट सबसे ज्यादा होती है, जिससे इसकी पौष्टिकता कम हो जाती है. अगर पानी में कीटनाशक और भारी धातुएं मौजूद हों तो ये सेहत के लिए खतरा हैं।
ऐसे दूध, घी पर होगी कार्रवाई
- क्रीम (मलाई) जो केवल दूध से न बनी हो और उसमें मिल्क फैट 40 प्रतिशत से कम हो।
- दूध जिसमें जल मिलाया गया हो
- घी जिसमें दूध से निकले घी से भिन्न कोई पदार्थ हो
- मक्खन रहित दूध शुुद्ध केनाम से बेचा जाए
- कृत्रिम मिष्टकर युक्त पदार्थ मिला हो