सीएम के दौरे के बाद नहीं उठ रहे फोन
शहर में जिलाधिकारी के द्वारा प्राइवेट अस्पतालों की समस्या के समाधान के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सीएम के दौरे की सूचना पर सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट लोगों के फोन भी उठा रहे थे। समस्याओं का समाधान भी कराया जा रहा था, लेकिन अब सेक्टर मजिस्ट्रेट के पीआरओ फोन उठा रहे हैं।
डीएम से की शिकायत तो 2.18 लाख की जगह 1.44 बिल लिया
ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर निवासी विनोद की गढ़ रोड स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल की ओर से 2.18 लाख का बिल बना दिया गया। व्यापारी के रिश्तेदार दीपक ने इसका विरोध किया। हंगामा होने पर परिजनों ने शव मुख्य मार्ग पर रखकर धरने की चेतावनी दी।
मामले की शिकायत संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और मंत्री सुधांशु महाराज से की गई। अजय ने इस संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर अस्पताल ने 1.44 लाख का संशोधित बिल परिजनों को दे दिया। बिल चुकाने पर अस्पताल प्रबंधन ने शव परिजनों को सौंप दिया।
मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी
अधिक बिल वसूलने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अगर कोई मजिस्ट्रेट फोन नहीं उठा रहा है तो इस पर जांच कराई जाएगी। निजी अस्पतालों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - के. बालाजी, डीएम