पीठासीन अधिकारी और कर्मचारियों कोरोना से खुद को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती
हस्तिनापुर। जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। सभी कोरोना से बचाव का हर संभव प्रयास कर रहे है लेकिन पंचायत चुनाव के बीच चुनाव संपन्न कराने वाले पीठासीन अधिकारी और कर्मचारियों के लिए खुद को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है।
रविवार को सभी ब्लॉक से पोलिंग पार्टियों को मतदान संबंधी सामग्री देकर रवाना किया गया। इस दौरान कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता दिखाई नहीं दिया। अधिकारी हो या कर्मचारी काम के बोझ तले कोरोना गाइडलाइन की धज्ज्यिां उड़ाते नजर आए। वहीं कुछ कर्मचारियों ने तो परिजनों के हाथ कोरोना की रिपोर्ट भिजवाकर स्वयं को मतदान कराने से अलग कर लिया, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराना मजबूरी है। पुलिस प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए लगातार संकट के सिपाही बनकर मैदान में डटे हैं। हालांकि प्रशासनिक दावों की बात करें तो कोरोना गाइडलाइन का पालन कराते हुए ही चुनाव संपन्न कराने की बात कही जा रही है। पोलिंग पार्टियों के रवानगी स्थल पर रविवार को जो नजारा देखा गया वह सभी प्रशासनिक अधिकारियों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से कर्मचारी और अधिकारियों को कोरोना बचाव से संबंधी गल्वज, मास्क व सैनिटाइजर भी वितरित किया गया। कोरोना महामारी के बीच स्वयं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और दूसरों से कराना कर्मचारियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
देर रात तक चलती रही झूठी अफवाह
हस्तिनापुर। पंचायत चुनाव के तीसरे चरण का आज मतदान होगा। प्रत्याशी लगातार चुनाव-प्रचार करने में जुटे हुए है। कोई सोशल मीडिया पर सक्रिय है तो कोई घर-घर जाकर ही मतदान अपने पक्ष में करने की अपील कर रहे है। इस बीच सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया है।
पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी द्वारा बनाए गए समर्थकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर देर रात तक धड़ाधड़ मेसेज वायरल होते रहे। जिसमें प्रत्याशियों के समर्थकों द्वारा लिखा गया कि जिला पंचायत का वह सदस्य उनके पक्ष में बैठ गया है तो ऐसे ही मेसेज व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किए कि उक्त ग्राम पंचायत के प्रधान पद के प्रत्याशी उनके प्रधान पक्ष के प्रत्याशी के समर्थन में बैठ गए हैं जिसका जोरदार स्वागत किया गया है। ऐसी झूठी अफवाहों ने प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है।