मेरठ। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को लेकर पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चार माह के भीतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से पंचायत भवन का निर्माण किया जाना है। इसके लिए अधिकतम लागत 20 लाख रुपये होगी। इसमें 50 फीसदी धन वित्त आयोग और शेष मनरेगा से कंवर्जेंस द्वारा खर्च किया जाएगा। इसमें एक बड़े हाल और आठ कमरों का निर्माण किया जाना है। वहीं, जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में 90 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जिनमें पंचायत भवन नहीं हैं। इससे बैठकों और अन्य समारोह किए जाने में सुविधा होगी। इन्हें कार्यक्रम के लिए किराए पर देकर ग्राम पंचायत की आय भी हो सकेगी। इसके साथ ही हर ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी एक माह के भीतर पूरा किए जाने के निर्देश मंत्री ने दिए। जिले में 25 सामुदायिक शौचालय अभी तक बनाए गए हैं। मंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों निर्माण कार्य पूर्ण किए बिना कोई अन्य कार्य के लिए खर्च नहीं किया जाएगा। वहीं, पंद्रहवें वित्त आयोग की अनुदान राशि भी एक सप्ताह में देने की जानकारी दी गई।