मेरठ के शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट में 44 सील भवनों को तोड़ने की तैयारी है। भारी फोर्स और बुलडोजर तैनात कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को मामले की सुनवाई होनी है। इससे पहले इन भवनों को उनके मूल स्वरूप में लाया जाना है। ओबीस ही व्यापारी इकट्ठा हैं। काफी संख्या में दुकानदार अपनी दुकानों से सामान निकाल रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परिषद ने आवासीय भवन में बने व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई की दुकान, ज्वैलरी के शोरूम, डेयरी, सैलून आदि को सील कर दिया था। 14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने इन सभी 44 संपत्तियों को ध्वस्त करने के आदेश दिए। इसी के तहत परिषद की ओर से इन संपत्तियों का सर्वे किया गया था।
संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में इनके ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए गए हैं। ये मियाद बहुत पहले ही पूरी हो चुकी है। 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के चलते आवास एवं विकास परिषद को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करना है। ऐसे में बुधवार को सुबह से ही फोर्स तैनात कर बुलडोजर लगाए गए हैं और सील भवनों को तोड़ा जाएगा। सुबह नौ बजे टीम ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की और छह भवनों को ध्वस्त कर दिया है।
स्कूल जाते बच्चों को भी पुलिस ने रोका
पूरी सेंट्रल मार्केट और शास्त्री नगर को बैरिकेड लगाकर सील करने की वजह से बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाए। उधर मीडिया कर्मियों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई ना ही कैमरा चलाने की इजाजत दी गई।
बता दें कि 21 सितंबर को सेंट्रल मार्केट के मुद्दे पर सुनवाई होनी है, जिसमें 44 सील भवनों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई की रिपोर्ट दाखिल करनी है। बुधवार को इन्हीं 44 भवनों में से 6 भवनों को ध्वस्त किया गया।
पुलिस ने मीडिया की एंट्री की बैन, ध्वस्तीकरण कार्रवाई की वीडियोग्राफी करने से भी रोका
शास्त्री नगर के सभी चौराहों पर बैरिकेडिंग लगाकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का हवाला देकर के लगातार मीडिया कर्मियों को रोका जा रहा है।