शामली/ जलालाबाद/ थानाभवन/ ऊन। नगरपालिका शामली की तरफ से कस्बा बनत के निकट चिह्नित की गई 13 बीघा भूमि पर जिले की सबसे बड़ी कान्हा गोशाला खोलने की तैयारी चल रही है। 500 गाोवंश को संरक्षित करने की क्षमता वाली गोशाला के निर्माण के लिए शासन स्तर से 1.69 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो चुका है। बजट मिलते ही गोशाला का निर्माण शुरू हो जाएगा। उधर, दूसरी तरफ जिले में चल रहीं गोशालाओं में गोवंशों की दुर्दशा हो रही है। बुधवार को टीम ने जिले में चल रहीं कुछ गोशालाओं की पड़ताल की तो कई स्थानों पर गोवंशों को पेटभर चारा नहीं मिल रहा तो कहीं पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। कहीं गोवंश धूप में मिले तो कहीं पर सफाई नहीं मिली।
कस्बा बनत के निकट जिले की सबसे बड़ी गोशाला चल रही है। रतन एकता ट्रस्ट के नाम से चल रही गोशाला में 400 पशु संरक्षित रखने की क्षमता है। गोशाला का मौके पर हाल देखा तो खपरैल में चारा या भूसा नहीं था। भूखे होने के कारण कुछ गोवंश धूप में घूम रहे थे और जगह-जगह पर उगी घास चर रहे थे, लेकिन उससे पेट नहीं भरा जा सकता। भूसा लेकर पहुंची ट्रैक्टर-ट्राॅली के चारों तरफ गोवंश इकट्ठा हो गए और सूखा भूसा ही खाने लगे। इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि गोवंशों को भरपेट चारा नहीं मिल रहा है। गोवंशों के नीचे गोबर बुरी तरह से कुचला हुआ था और सफाई नहीं थी। गोवंशों के पीने के पानी के लिए तीन हौज बने हुए हैं, लेकिन उनमें सिर्फ एक हौज में पानी था और दो सूखे पड़े हुए थे। एक गोवंश जख्मी हालत में था। सेवादार दीपेंद्र कुमार ने बताया गोशाला में 400 गोवंश को संरक्षित करने की क्षमता है। आठ लोग गोशाला में काम करते हैं। सुबह-शाम चारा भूसा गोवंशों को दिया जाता है।
जलालाबाद देहात की सरकारी गोशाला में लगभग 80 गोवंश हैं, जिसमे अव्यवस्थाओं के चलते लगातार गोवंशों की भूख के कारण मौत हो रही है। गोशाला में गोवंशों के संरक्षण के लिए लाखों खर्च किए जा रहे हैं। चारे के नाम पर गाेवंशों को सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। भूख के कारण गोवंश के शरीर कंकाल से दिखते हैं। गोशाला की देखरेख जलालाबाद देहात ग्राम पंचायत की तरफ से की जाती है। ग्राम प्रधान नजीर मलिक का कहना है कि खेतों में हरी घास न होने के कारण फिलहाल हरा चारा नहीं मिल पाया था। हरे चारे की व्यवस्था कर ली गई है। जल्द ही गोवंशों को हरा चारा दिया जाएगा।
थानाभवन में स्थित एकमात्र गोशाला में लगभग 225 गोवंश हैं। गोवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत थानाभवन देहात के प्रधान द्वारा इस गोशाला की व्यवस्था की जाती है। गोवंश के लिए यहां चार टीन शेड बनाए गए हैं, लेकिन भीषण गर्मी में पंखों की व्यवस्था नहीं है। पानी पीने के लिए तीन हौज बनाए गए हैं, उनमें कई दिन पुराना पानी भरा हुआ है, लेकिन बोरिंग व बिजली कनेक्शन होने के बाद भी साफ पानी पीने को नहीं है।
सेवादार विजेंद्र ने बताया कि हरा चारा उपलब्ध नहीं है, जिस कारण सूखा चारा ही दिया जाता है। गोबर से खाद बनाने का संयंत्र तो लगा है, लेकिन वह चालू नहीं है। गोवंशों की जांच के लिए पहले पहले डॉ. पंकज आते थे, लेकिन अब काफी दिन से कोई चिकित्सक नहीं आता। गोशाला में दिन में सात लोग कार्य करते हैं और रात में केवल चौकीदार ही रहता है। सफाई व्यवस्था नाममात्र को देखने को मिली।
- ऊन गोशाला में व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त
ऊन। ऊन में स्थित गोशाला में टीम को पानी, सफाई और गोवंशों की स्थिति दुरुस्त मिली। वहां पर 140 से ज़्यादा गोवंश हैं। गोशाला परिसर में सफ़ाई का बेहतर ढंग से ध्यान रखा गया था। गोवंशों के लिए पीने के लिए पानी और चारे की व्यवस्था दुरुस्त मिली।
- जिले में गोशाला व गोवंशों की स्थिति
गोशाला - 27
गोशाला में संरक्षित गोवंश - 3051
सुपुर्दगी में दिए गोवंश - 2096
- सीडीओ के निर्देश के बाद भी नहीं सुधरीं व्यवस्थाएं
शामली। सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने मंगलवार को जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बीडीओ और पशु चिकित्सकों की बैठक लेकर गोआश्रय स्थलों के गोवंशों के संरक्षण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सीडीओ ने अधिकारियों को गोआश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। गर्मी व लू से गोवंशों को बचाने के उपाय करने के निर्देश जारी किए गए हैं, इसके बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार होता दिखाई नहीं दिया।
- कोट : कान्हा गोशाला के निर्माण के लिए शहरी क्षेत्र में भूमि न मिलने के कारण कस्बा बनत के निकट 13 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। गोशाला के निर्माण के लिए 1.69 करोड़ का बजट स्वीकृत हो चुका है। बजट की धनराशि जारी होते ही गोशाला का निर्माण शुरू किया जाएगा। - रामेंद्र सिंह अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
- सभी गोशाला व गो आश्रय स्थलों में गोवंशों की देखरेख के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं पर व्यवस्थाएं ठीक नहीं पाई जातीं तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार तिवारी, सीडीओ।
कांधला गाँव नाला में गौसाला की हालत सूखा खाते गॉवंश
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