ऐसे में यहां के रूटों पर हाहाकार मचना तय है। बसें कम होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। कोहरे के चलते ट्रेनों को भी बड़ी संख्या में निरस्त किया जा चुका है। मेरठ सेक्शन की राज्यरानी, इंदौर-देहरादून, उज्जैनी एक्सप्रेस आदि ट्रेनें रद्द चल रही हैं। ऐसे में रेलवे यात्रियों का डायवर्जन भी रोडवेज की तरफ रहना है। भारी संख्या में बसों के रूटों से हटने और यात्रियों का बोझ बढ़ने से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
वर्कशॉप में हो रहा बसों का मेंटेनेंस
प्रयागराज भेजी जाने वाली बसों को जनवरी के पहले सप्ताह तक मांगा गया है। इसके चलते सेंट्रल वर्कशॉप में बसों का युद्ध स्तर पर मेंटेनेंस कार्य चल रहा है। वहीं, प्रयागराज जाने वाले स्टाफ की ड्यूटी तय की जा रही है। बसों के साथ चालक और परिचालक भी भेजे जाएंगे।
बाहरी रूटों पर होगी ज्यादा दिक्कत
रीजन में निगम की करीब 400 बसे अधिकतर लंबे लोकल रूटों के अलावा बाहरी राज्यों में चलती हैं। ज्यादातर लोकल रूटों पर अनुबंधित बसें संचालित होती है। कुंभ में निगम की बसों को भेजने से इन रूटों पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
दिक्कत नहीं होने देंगे
कुंभ के लिए 200 बसें मांगी गई हैं। जिन रूटों से इन बसों को हटाकर भेजा जाएगा, वहां पर अनुबंधित बसों का इंतजाम कर दिया जाएगा। सर्दी में यात्रियों की संख्या घट जाती है। बसों की कम संख्या के चलते भी यात्रियों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। -नीरज सक्सेना, आरएम मेरठ रीजन
सात चिकित्सक गए कुंभ में
मेरठ से चिकित्सक और फार्मासिस्ट समेत सात की ड्यूटी कुंभ मेले में लगाई गई थी, जो यहां से रवाना हो गए हैं। मेरठ से सहायक मलेरिया अधिकारी प्रदीप रावत, फार्मासिस्ट दिलीप कुमार, गजेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, शिशुपाल, रामगोपाल और एके जैन की ड्यूटी लगाई गई है।