आईएसआई का वेस्ट यूपी में अवैध हथियार बनाने वाले सप्लायरों से गहरा कनेक्शन है। आईएसआई जासूस और उनसे जुड़े लोगों को हथियार मुहैया करना सप्लायरों की जिम्मेदारी है। इसका खुलासा होने पर पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
एनआईए व एटीएस भी आईएसआई और हथियार सप्लायरों के नेटवर्क को तोड़ने में लगी है। उसको लेकर मेरठ में कई बार एनआईए की टीम ने दबिश दी। एक मामला शांत होता नहीं है, तभी दूसरा मामला सामने आ जाता है।
हथियार बनाने में रार्धना गांव बदनाम
मेरठ के किठौर थानाक्षेत्र का रार्धना गांव अवैध हथियार बनाने में सबसे ज्यादा बदनाम है। पहले तमंचे और अब पिस्टल बनाए जाते हैं। राजनीति हस्तक्षेप होने के चलते हथियार बनाने व सप्लाई करने वालों पर कभी मजबूत शिकंजा नहीं कसा।
बदनामी होने पर रार्धना के कारीगरों ने शहर में कई जगह अपने ठिकाने बनाए। बुधवार को एनआईए और एटीएस ने रार्धना गांव में सप्लायर की तलाश में दबिश दी। सरूरपुर के हर्रा, सरधना और मवाना में भी हथियार बनाने वालों का जाल फैला है।
लिसाड़ी गेट में ढूंढा था सप्लायर ‘मरु’
लुधियाना में आरएसएस नेता रविंदर गोसाई की अक्तूबर 2017 में हत्या हुई थी। जिसमें आईएसआई का भी कनेक्शन बताया गया था। इसकी जांच एनआईए और एटीएस कर रही थी। जिसमें खुलासा हुआ था कि पंजाब में आरएसएस नेता की हत्या में जिस पिस्टल का इस्तेमाल हुआ, वह मेरठ से खरीदी गई थी। जिसकी तलाश में एनआईए व एटीएस ने मेरठ में दबिश दी थी। जिसमें लिसाड़ीगेट निवासी हथियार सप्लायर अलीमुद्दीन उर्फ मरु का नाम सामने आया था। बाद में क्राइम ब्रांच ने सप्लायर को पकड़कर एनआईए को सौंपा था।
एनआईए के टारगेट पर हथियार सप्लायर
एनआईए के टारगेट पर आईएसआई से जुड़े हथियार सप्लायर हैं। इसको लेकर उन्होंने कई हथियार सप्लायरों की तलाश में दबिश दी। गाजियाबाद में हथियार सप्लायर के घर दबिश देने पर एनआईए की टीम पर हमला भी हुआ था।
पुलिस ने बताया है कि वेस्ट यूपी में हथियार सप्लायरों के आईएसआई से कनेक्शन हैं, उसको लेकर सुरक्षा एजेंसी गंभीर हैं। खूनखराबा करने के लिए हथियार सप्लायरों को आईएसआई के जासूसों ने अपना मोहरा बनाया है। इसको लेकर कई जगहों पर दबिश भी दी गई है।
कैसे जुड़ा आईएसआई से कनेक्शन
आईएसआई का हथियार सप्लायरों से कैसे कनेक्शन जुड़ा, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी मंथन कर चुकी हैं। खुफिया विभाग भी इस संबंध में गृह मंत्रालय को इनपुट भेज चुका है। अवैध हथियार को बनाने वाले और सप्लायरों से किसने आईएसआई एजेंटों की मुलाकात कराई है। इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोकल स्तर से भी पुलिस प्रशासन इसकी जांच करने में जुटा है। पुलिस का कहना है कि हथियार सप्लायरों को गिरफ्तार करने के लिए उनकी भी टीम लगी हुई है।