फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रत्याशियों में हड़कंप, जताई साजिश की आशंका, जानें क्या है मामला ?

Sat, 25 Feb 2017 02:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
लंगूर मालिक की मौत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन जहां इसे दुघर्टना मान रहा है, वहीं मौके के हालात और शव की हालत हत्या की ओर इशारा कर रही है। वारदात से तमाम दलों के प्रत्याशियों में हड़कंप की स्थिति है। भाजपा ने इस पूरे मामले में किसी गहरी साजिश की आशंका जताई है।
विज्ञापन


वारदात के बाद बसपा प्रत्याशी सतेंद्र सिंह सोलंकी कताई मिल पहुंचे और पूरी जानकारी ली। दक्षिण और किठौर से भाजपा प्रत्याशी डॉ. सोमेंद्र तोमर, सत्यवीर त्यागी के साथ हर्ष गोयल भी कताई मिल पहुंचे। शहर प्रत्याशी डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मामले में गहरी साजिश की आशंका जताई। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी पर पुलिस अधिकारियों का घेराव कर हंगामा किया। सरधना प्रत्याशी ठा. संगीत सोम भी लगातार पूरे मामले पर जानकारी लेते रहे। बसपा के सतेंद्र सोलंकी भी इसके पीछे साजिश की आशंका जता रहे हैं। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल और हस्तिनापुर से प्रत्याशी दिनेश खटीक  भी कताई मिल पहुंचे।

ये है मिल की सुरक्षा व्यवस्था
कताई मिल परिसर में विधानसभा चुनाव की मतगणना होनी है। 11 फरवरी को मतदान के बाद परिसर में बनाए गए दो स्ट्रांग रूम में ईवीएम रखी गई हैं। इनमें एक स्ट्रांग रूम में सिवालखास, किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ शहर और मेरठ दक्षिण की ईवीएम रखी गई हैं। दूसरे स्ट्रांग रूम में सरधना और हस्तिनापुर विधानसभा की ईवीएम हैं। सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान 24 घंटे तैनात हैं। प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों के लिए भी स्ट्रांग रूम के बाहर लगी बेरिकेटिंग तक जाने का पास जारी किया गया है। यदि कोई प्रत्याशी अपने प्रतिनिधि को निगरानी में वहां 24 घंटे तैनात करना चाहता है तो जिला निर्वाचन अधिकारी ने इसकी भी स्वीकृति दी है। लेकिन स्ट्रांग रूम के दरवाजे पर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। इस तमाम व्यवस्था के ऊपर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन


बंदरों से बचाव को लंगूर तैनात
कताई मिल परिसर में बंदरों का आतंक है। क्याेंकि कताई मिल के जो कक्ष हैं, उनके ऊपर टिन शेड है और कई जगह से टूटी हुई है। ऐसे में बंदर कहीं से भी घुसकर कोई गड़बड़ न कर दें और सुरक्षा में तैनात जवानों पर भी हमला न कर दें, इसलिए यहां पर दो लंगूरों को छोड़ा गया है। इन लंगूरों का मालिक भी किशन लाल इनके साथ कताई मिल पर रहता था।

इसलिए उठ रहे सवाल
पुलिस का कहना है कि किशनलाल का एक लंगूर ऊपर किसी जाल में फंस गया था। जिसे निकालने के लिए वह ऊपर चढ़ा और नीचे गिरने से मौत हो गई। अब सवाल उठता है कि  अगर मान भी लिया जाये कि किशनलाल ऊपर चढ़ा और नीचे गिर गया तो उसकी लाश गटर में क्यों मिली। यदि यह भी मान लिया जाये कि लुढ़ककर वह गटर में गिर गया होगा। लेकिन शव नग्न अवस्था में क्यों मिला, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। साथ ही एक बड़ा सवाल ये भी है कि जब कताई मिल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं तो उनकी निगरानी सीमित क्षेत्र में क्यों है। कैमरों में किशनलाल की घटना कैद क्यों नहीं हुई। यही नहीं पुलिस ने शव का पंचनामा तक नहीं भरा।
 
जिला निर्वाचन अधिकारी जिम्मेदार
भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग ने इस घटना के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन बुधवार से इस घटना को दबाये रहा, क्योंकि लंगूर मालिक बुधवार से लापता था। जब बात चर्चा में आयी तो उसका शव बरामद दिखाया गया। करुणेश नंदन गर्ग ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखते हुए जिला अधिकारी को हटाने की मांग की।

मौत की जांच कर रही पुलिस
उप जिला निर्वाचन अधिकारी और अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र ने कहा कि स्ट्रांग रूम या ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। उसे लेकर उठाई जा रही शंकाएं पूरी तरह निराधार हैं। लंगूर मालिक की मौत पर पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें