मेरठ में प्रह्लाद नगर प्रकरण की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी है। पिछले तीन दिनों में कई नेता यहां पहुंचे और सच जानने की कोशिश की। यहां पुलिस पिकेट, बैरियर और सीसीटीवी कैमरे लग गए। वहीं, रविवार को स्थानीय पार्षद और लोगों ने कहा कि यह उनका आपसी मामला है। कानून व्यवस्था यहां की सबसे बड़ी समस्या है। हमें यहां स्थायी समाधान चाहिए। व्यापारी वर्ग भी नहीं चाहता है कि उनका कारोबार चौपट हो।
भाजपा के वार्ड 56 से स्थानीय पार्षद जितेंद्र पाहवा का कहना है कि गेट लगाने की यहां स्थानीय लोगों की मांग है। प्रह्लाद नगर की आबादी करीब छह हजार के आसपास है। इनमें कुछ घर दूसरे समुदाय के लोगों के भी हैं। लेकिन प्रह्लाद नगर के चारों तरफ अल्पसंख्यक बहुल मोहल्ले हैं। नजदीक में थाना लिसाड़ी गेट होने के बाद भी यहां अराजक तत्व गुंडागर्दी करते हैं। लड़कियों और महिलाओं पर फब्तियां कसी जाती हैं। जब भी कोई आयोजन किया जाता है तो बाहरी तत्व यहां बीच रास्ते से गुजरते हैं। जो छींटाकशी, छेड़छाड़, स्टंटबाजी और फायरिंग करने से भी नहीं चूकते।
गेट लगाना स्थायी समाधान का हिस्सा
स्थानीय पार्षद, पूर्व पार्षद और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यहां गेट लगा दिया जाए तो यह स्थायी समाधान का अहम हिस्सा हो सकता है। चूंकि यह आम रास्ता नहीं है। प्रह्लाद नगर के लोगों का ही रास्ता है। लेकिन अराजक तत्वों ने इसे आम रास्ता बना दिया है। यहां मंदिर, गुरुद्वारा और आश्रम हैं। गेट लगने से यहां अराजकता थमेगी। हमें यहां साफ सुथरा माहौल चाहिए।
अधिकारी देखेंगे कैमरों से हाल
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने बताया कि प्रह्लाद नगर में दो जगहों पर पुलिस पिकेट और नौ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। पांच अन्य स्थानों पर कैमरे लगाए जाने हैं। कैमरों का कंट्रोल रूम थाना लिसाड़ी गेट में बनाया गया है। ये कैमरे कंट्रोल रूम के जरिये सीओ, एसपी और एसएसपी के मोबाइल फोन से जोड़े गए हैं। अधिकारी भी जब चाहें, अपने मोबाइल पर प्रह्लाद नगर का हाल देख सकेंगे।
शासन को गई समाधान की रिपोर्ट
रिपोर्ट में क्या:
यह स्थानीय लोगों की समस्या
मकान बिकाऊ वाले चार लोगों की वीडियो भी भेजी
रंगदारी, धमकी या किसी भी अपराधी का नहीं है खौफ
स्थानीय लोगों की मांग पर पुलिस पिकेट और बैरियर लगाए
मेरठ। पुलिस-प्रशासन ने प्रह्लाद नगर प्रकरण की शासन को भेजी रिपोर्ट में स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान का जिक्र किया है।
एक अधिकारी के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ लोगों ने प्रह्लाद नगर के मामले में गलत आरोप लगाए। जिसमें उच्च अधिकारियों द्वारा जांच की गई। जिन चार लोगों के घरों के सामने मकान बिकने जैसी बात कही गई थी, जांच और इन लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि अपनी मर्जी से वह मकान बेचने के इच्छुक हैं। रिपोर्ट में पार्षद, व्यापारी, महिलाओं समेत 40 से अधिक लोगों के बयान भी शामिल हैं। जिसमें कहा गया कि किसी भी व्यक्ति ने यहां खौफ नहीं बताया। किसी अपराधी का नाम नहीं लिया। सिर्फ यही कहा कि यहां कुछ लोग छेड़छाड़ और स्टंट करते हैं। स्थानीय लोगों की गेट लगाने की मांग, यातायात की समस्या और सुरक्षा देने की मांग की थी। जिनमें पुलिस सुरक्षा दी गई है। बैरियर लगाए गए हैं। लोग यहां परेशान नहीं है। आपस में लोग मिलकर रह रहे हैं।
यह आपसी समस्या थी
प्रह्लाद नगर में लोगों की आपसी समस्या थी। यातायात व्यवस्था के लिए बैरियर और सुरक्षा के लिए स्थायी पिकेट लगाई गई है। सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए गए हैं। -नितिन तिवारी, एसएसपी