सरधना चर्च में माता मरियम के दर्शन करने और धन्यवाद के लिए ईसाई समाज ने प्रभु गीतों के साथ पैदल यात्रा निकाली। जहां बेगमपुल स्थित सेंट जोजफ चर्च में प्रार्थना सभा की गई। यहीं से सैकड़ों लोग और फादर हाथों में मोमबत्तियां लेकर सरधना की तरफ जुलूस के रूप में बढ़े।
जुलूस में सबसे आगे फादर टाइटस, फ्रांसिस कलिस्ट, फादर जोन्स, फादर संजय, फादर जेशु, सिस्टर आदि चल रहे थे। इनके पीछे सैकड़ों की भीड़ रही। सभी के हाथों में मोमबत्तियां थी। महिलाएं और पुरुष प्रभु यीशु और माता मरियम के गीत गाते चल रहे थे। बेगमपुल से चलकर कंकरखेड़ा, दबथुआ, सरधना में जगह-जगह ईसाई समाज के लोगों का स्वागत किया गया। सेमसन मैसी ने बताया कि ईसाई समाज के लोग मनोकामना पूर्ण होने पर आज के दिन सरधना चर्च में माता मरियम के दर्शन करने पहुंचते हैं। माता मरियम के दरबार में जो भी व्यक्ति सच्चे दिल से मनोकामना करता है उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने पर लोग सरधना चर्च में माता मरियम के दर्शन करके जहां पूजा अर्चना करते हैं वहीं मोमबत्तियां जलाते हैं। पैदल यात्रा में शामिल सभी लोग मंगलवार सुबह सरधना चर्च पहुंचे। जहां पर मेले जैसा आयोजन रहा। बेगमपुल से शुरू की गई पैदल यात्रा में मेरठ के ही नहीं बल्कि दिल्ली, उत्तरांचल, हरियाणा आदि प्रदेशों के विभिन्न शहरों के लोग शामिल हुए। दबथुआ में प्रार्थना सभा की गई। ेे