कुर्डी टीले पर खोदाई करते मजदूर। फाइल फोटो
बड़ौत (बागपत)। कुर्डी टीले पर चल रही खोदाई में मंगलवार को ट्रेंचों से खंडित मृदभांड सामने आए हैं। वहां दिख रहीं दीवारें अभी तक जमीन से बाहर नहीं आई हैं।
कुर्डी टीले पर भारतीय विरास संस्थान के द्वारा चल रहे उत्खनन में अभी तक काफी महत्वपूर्ण पुरावशेष सामने आए हैं, जिसे देखते हुए पुरातत्वविदों को उम्मीद है कि टीले पर अभी कुछ खास मिलेगा। जहां मंगलवार को की गई खोदाई में कई ट्रेंचों से खंडित मृदभांड सामने आए हैं। जिन्हें पाॅटरी यार्ड में सुरक्षित किया गया। वहीं टीले पर कई दिन पूर्व निकलीं बड़ी ईंटों की दीवारों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए खोदाई की जा रही है। इनके बाहर आने पर शोध किया जाएगा, जिसके बाद ही दीवारों का पता लग पाएगा कि ये कितनी वर्ष पुरानी है। पुरातत्वविदों ने खोदाई स्थल पर बाहरी लोगों के आवागमन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ है। इनका मानना है कि लोगों के आने से खोदाई की गोपनीयता भंग होती है। वहीं तिलवाड़ा के आला टीले पर मंगलवार को खोदाई की गई। यहां पर खोदाई की रफ्तार भी धीमी गति से चल रही है।