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जीरो माइल्स पर गड्ढों से चौपट होता जा रहा कारोबार

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सुनील कैथवास.... जीरो माइल चौराहे से लाल कुर्ती जाने वाली रोड की दुर्दशा
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मेरठ। शहर में सड़कों की दुर्दशा से लोग परेशान हैं। जीरो माइल्स पर गड्ढों से व्यापार चौपट होता जा रहा है। गड्ढों को भरने के लिए लगातार व्यापारी और क्षेत्रीय नागरिक वहां तैनात एनसीआरटीसी कर्मचारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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व्यापारियों का कहना है कि कैंट बोर्ड, एनसीआरटीसी और जनप्रतिनिधियों से भी शिकायत कर चुके हैं, मगर समस्या हल नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि रोजाना दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में गिरकर जख्मी हो रहे हैं। रैपिड-मेट्रो की आमद से शहर को भले ही वीआईपी फीलिंग आने लगी हो, लेकिन सड़कों की दुर्दशा ने लोगों को बेहाल कर दिया है। गढ़ रोड पर जहां नाला निर्माण के काम के चलते चारों ओर धूल उड़ रही है तो वहीं दिल्ली रोड पर रैपिड रेल के काम से मार्ग संकरा हो गया है। नवीन मंडी से दिल्ली चुंगी तक एनसीआरटीसी की ओर से सड़क का निर्माण किया गया है, लेकिन दिल्ली चुंगी से फुटबॉल चौराहे तक हाल बेहाल है।
फुटबॉल चौराहे से बेगमपुल तक रैपिड ट्रेन नमो भारत अंडरग्राउंड है। इस सड़क का जिम्मा लोक निर्माण विभाग के पास है। लोनिवि ने फुटबॉल चौराहे से डिवाइडर तोड़कर बेगमपुल तक छह करोड़ से सड़क निर्माण की शुरुआत इसी महीने की है, लेकिन अब सारा काम रुका हुआ है। जीरो माइल्स से रुड़की रोड तक एनसीआरटीसी के पास सड़क है। यहीं जीरो माइल्स पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सड़क ने लोगों का चैन छीन लिया है।
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व्यापार होता जा रहा चौपट

रैपिड के काम का सीधा असर व्यापार पर पड़ा है। बेगमपुल से थोड़ा दूर चलते ही सड़क में गड्ढे हो गए हैं। रात में स्थिति और खराब हो जाती है। शिकायत पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही - सरदार राजबीर सिंह, महामंत्री आबूलेन व्यापार संघ।





धूमिल हो रही शहर की पहचान
जीरो माइल्स शहर में हरिद्वार, ऋषिकेश, बिजनौर, हस्तिनापुर समेत विभिन्न स्थानों का प्रवेश द्वार है। इस मार्ग पर बहुत गड्ढे हैं। बाहर से आने वाले लोगों के सामने शहर की पहचान बिगड़ रही है - आकाश खन्ना, अध्यक्ष आबूलेन व्यापार संघ।




दिनभर उड़ती रहती है धूल

रैपिड के काम के चलते दिनभर पूरे मार्ग में धूल उड़ती रहती है। भीषण धूप के बीच कई बार तो दुकान में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। सड़क पर कभी-कभार ही पानी का छिड़काव होता है - गौरव सेठ, कोषाध्यक्ष आबूलेन व्यापार संघ।



कोई नहीं देखने-सुनने वाला
आबूलेन, बेगमपुल, बच्चा पार्क शहर के मुख्य बाजार हैं। सड़क की बदहाली से व्यापार चौपट हो रहा है। कोई भी इस मार्ग की सुध लेने वाला नहीं है। एनसीआरटीसी के तैनात कर्मचारी भी नहीं सुनते - एम. जुबैर, व्यापारी जिमखाना मैदान।
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