मेरठ। खेतों से आलू की खोदाई शुरू हो गई है। अच्छी पैदावार से किसानों के चेहरे खिले हैं। उधर भंडारण के लिए आलू शीतगृह पहुंचने शुरू हो गए हैं। अभी तक शीतगृह में आलू किराया तय नहीं हुआ है। जहां शीतगृह एसोसिएशन 50 किलो आलू के बोरे का 280 और 310 रुपये किराये की मांग कर रहे हैं वहीं किसान नेताओं ने पिछले साल वाले किराये की दरों पर ही 250 और 270 को ही लागू करने का प्रस्ताव रखा है। जिला प्रशासन की तरफ से एक सप्ताह के अंदर आलू के किराये की दरें सार्वजनिक की जाएंगी।
जिले में किसान 8,200 हैक्टेयर में आलू की खेती कर रहे हैं। इस बार आलू की फसल अच्छी रही है, जिसके कारण 1 लाख 95 हजार मीट्रिक टन आलू के उत्पादन की उम्मीद है। जिले में सबसे अधिक आलू की खेती खरखौदा, किठौर, लावड़, फलावदा, सिवालखास , सरधना, मवाना क्षेत्र में होती है। आलू की खोदाई एक सप्ताह से चल रही है।
जिले में शीतगृह और भंडारण की क्षमता
निजी शीतगृह - 28
जिले में आलू का रकबा - 8,200 हेक्टेयर
जिले में आलू उत्पादन का अनुमान - 1 लाख 95 हजार मीट्रिक टन,
शीतगृहों में आलू भंडारण की क्षमता- 1 लाख 45 हजार मीट्रिक टन,
- शीतगृहों में समय से ही आलू का भंडारण शुरू हो गया। आलू भंडारण के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शीतगृहों में 50 किलो आलू के बोरे का किराया भी शीघ्र निर्धारित हो जाएगा। शीतगृह संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह किसानों को दिक्कत न होने दें। - एनके सहानिया, विकास अधिकारी , आलू एवं शाकभाजी।